होर्मुज जलडमरूमध्य
ट्रंप का ईरान को चेतावनी: “बीस गुना अधिक भयानक हमला होगा”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 10 मार्च को ईरान को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग से तेल परिवहन को रोकने की कोशिश की, तो अमेरिका बीस गुना अधिक भयानक हमला करेगा। ट्रंप ने यह चेतावनी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दी और कहा, “अगर ईरान ऐसा कुछ करता है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल का प्रवाह रुकता है, तो हम उन पर अब तक हुए हमलों की तुलना में बीस गुना अधिक जोर से हमला करेंगे।”
अमेरिका की रणनीति और चेतावनी
ट्रंप ने ईरान को यह भी बताया कि अमेरिका आसानी से नष्ट होने वाले लक्ष्यों को खत्म कर देगा, जिससे ईरान के लिए एक राष्ट्र के रूप में फिर से खड़ा होना लगभग असंभव हो जाएगा। ट्रंप ने इस चेतावनी को चीन और उन सभी देशों के लिए एक उपहार बताया जो होर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल करते हैं। उनका मानना था कि इस “पहल” की काफी सराहना की जाएगी।
होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना
इतिहास में पहली बार, 10 मार्च तक होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग में वाणिज्यिक यातायात लगभग पूरी तरह से ठप हो चुका था। हालांकि औपचारिक रूप से इस मार्ग को बंद करने की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन बीमा कंपनियों द्वारा बीमा रद्द करने के कारण वाणिज्यिक यातायात प्रभावी रूप से रुक गया है। प्रमुख परिवहन कंपनियों जैसे मार्सक, सीएमए सीजीएम, और हैपग-लॉयड ने अपने जहाजों को इस मार्ग से स्थगित कर दिया है और उन्हें केप ऑफ गुड होप के रास्ते भेजा जा रहा है।
बढ़ती कच्चे तेल की कीमतें
इस नाकाबंदी के कारण, 9 मार्च को कच्चे तेल की कीमतों में 120 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक का उछाल आया, जो बाद में घटकर 88-90 डॉलर पर आ गईं। इस संकट ने वैश्विक तेल बाजार को हिलाकर रख दिया है, खासकर उन देशों को, जिनकी ऊर्जा आपूर्ति इस जलमार्ग पर निर्भर है।
कुवैत और कतर ने ‘फोर्स मेज्योर’ की घोषणा
कुवैत और कतर ने कुछ ऊर्जा अनुबंधों पर ‘फोर्स मेज्योर’ की घोषणा की है। यह एक सामान्य क्लॉज है, जो अनिवार्य रूप से दोनों पक्षों को दायित्व से मुक्त करता है जब कोई असाधारण घटना होती है। कच्चे तेल और एलएनजी के परिवहन में अड़चनों के कारण इन देशों ने यह कदम उठाया है।
भारतीय जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास
भारत ने इस क्षेत्र में फंसे हुए 36 भारतीय ध्वज वाले जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने के विकल्पों पर विचार करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा, फ्रांस ने भी युद्ध की तीव्रता कम होने के बाद जहाजों को सुरक्षित एस्कॉर्ट करने के लिए एक मिशन की घोषणा की है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का वैश्विक महत्व
- वैश्विक तेल खपत का 20 प्रतिशत इस जलमार्ग से होकर गुजरता है, जो एशिया, खासकर भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- 84-89 प्रतिशत कच्चे तेल और 83 प्रतिशत एलएनजी एशिया के लिए इस जलमार्ग से जाता है, जिससे इस मार्ग का वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गहरा असर पड़ता है।
समापन
होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट को बढ़ा सकती है। डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी ने एक बार फिर से यह स्पष्ट किया है कि अमेरिका अपनी ऊर्जा आपूर्ति और अपने व्यापारिक साझेदारों की रक्षा के लिए किसी भी कदम को उठाने के लिए तैयार है। इस जलमार्ग का खुला रहना वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण बना रहेगा।