रांची में लापता बच्चे
रांची में लापता बच्चे: 10 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं
झारखंड की राजधानी रांची से एक बेहद संवेदनशील और चिंता बढ़ाने वाला मामला सामने आया है। धुर्वा थाना क्षेत्र से लापता हुए दो मासूम भाई-बहन को 10 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस बरामद नहीं कर पाई है। चार वर्षीय अंश और पांच वर्षीय अंशिका के लापता होने से पूरे इलाके में गुस्सा, डर और आक्रोश का माहौल बन गया है।
स्थानीय लोगों का सब्र जवाब दे चुका है और इसी के चलते रविवार को धुर्वा इलाके में जोरदार विरोध प्रदर्शन और 12 घंटे का बंद देखने को मिला।
कैसे हुए थे दोनों बच्चे लापता?
मिली जानकारी के अनुसार—
- 2 जनवरी 2026 को
- अंश और अंशिका
- अपने घर के पास स्थित
- एक किराना दुकान से सामान लेने निकले थे
लेकिन इसके बाद—
- दोनों बच्चे वापस नहीं लौटे
- परिजनों ने आसपास खोजबीन की
- कोई जानकारी न मिलने पर
- 3 जनवरी को धुर्वा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई
इसके बावजूद अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।
पुलिस की नाकामी से भड़का जनआक्रोश
10 दिन बाद भी बच्चों की कोई जानकारी न मिलने से—
- स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए
- अभिभावकों का दर्द और इंतजार बढ़ता जा रहा है
- पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं
रविवार को हालात तब और बिगड़ गए जब इलाके में पूर्ण बंद का आह्वान किया गया।
धुर्वा बंद और सड़क जाम
स्थानीय लोगों और राजनीतिक संगठनों के समर्थन से—
- 12 घंटे का धुर्वा बंद रखा गया
- बाजार पूरी तरह बंद रहे
- आम जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ
प्रदर्शनकारियों ने—
- मौसीबाड़ी चौक और धुर्वा गोल चक्कर पर
- टायर जलाकर
- सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया
जिससे कई घंटों तक यातायात बाधित रहा।
आरजेडी नेता के नेतृत्व में प्रदर्शन
इस आंदोलन का नेतृत्व—
- राष्ट्रीय जनता दल (RJD)
- के प्रदेश महासचिव
- कैलाश यादव
ने किया। उन्होंने कहा—
“यह किसी एक परिवार का नहीं, पूरे समाज का दर्द है। माता-पिता अपने बच्चों की राह देख रहे हैं और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है।”
SIT का गठन, 40 पुलिसकर्मी लगाए गए
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने—
- 40 सदस्यों वाली विशेष जांच टीम (SIT)
- का गठन किया है
टीम—
- CCTV फुटेज खंगाल रही है
- आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चला रही है
- संदिग्धों से पूछताछ कर रही है
हालांकि, अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली है।
भारी पुलिस बल की तैनाती
प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए—
- इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया
- एक व्यक्ति को हिरासत में भी लिया गया
इससे पहले—
- शनिवार शाम
- मौसीबाड़ी से बिरसा चौक तक
- मशाल जुलूस भी निकाला गया था
जिसमें पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी खुलकर सामने आई।
प्रशासन पर बढ़ता दबाव
इस पूरे मामले ने—
- बच्चों की सुरक्षा
- शहरी इलाकों में कानून-व्यवस्था
- और पुलिस की कार्यप्रणाली
पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है और लोग बच्चों की सुरक्षित वापसी की मांग कर रहे हैं।