जिला स्तर पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की मैट्रिक परीक्षा 2024 में बालक वर्ग में टॉपर रहे छात्र मोंटी कुमार व बालिका वर्ग में टॉप छात्रा दिव्या भारती का बंगलुरु स्थित इसरो परिसर का भ्रमण के लिए चयन किया गया है. बताया जा रहा कि सरकारी खर्च पर दोनों छात्र-छात्रा वैज्ञानिक केंद्र इसरो का भ्रमण कर वैज्ञानिक गतिविधियों से रुबरु होंगे. ताकि प्रतिभावान छात्र-छात्राओं में शुरू से ही वैज्ञानिक चेतना का विकास किया जा सके. इधर, विभागीय आदेश के बाद डीईओ प्रमोद कुमार साहु ने दोनों छात्र-छात्रा का बायोडाटा समेत सूची बिहार शिक्षा परियोजना को भेज दिया है. सरकार की ओर से मैट्रिक परीक्षा में जिला स्तर पर टॉप किए एक-एक छात्र व छात्रा को यह मौका दिया जा रहा है.
मिली जानकारी के अनुसार मोंटी सीतामढ़ी जिले के जनता हाई स्कूल का छात्र है और वह परसौनी मैलवार गांव निवासी कामेश्वर चौधरी का पुत्र है. मोंटी ने मैट्रिक परीक्षा 2024 में 95.2 फीसदी अंक प्राप्त कर जिला टॉपर किया था. छात्र मोंटी के पिता कामेश्वर चौधरी मजदूरी करते हैं, वहीं मां रिंकू कुमारी गृहिणी है. आईआईटियन बनने की चाहत रखने वाला मोंटी फिलहाल 11वीं में विज्ञान संकाय (मैथ) का छात्र है. इसरो परिसर का भ्रमण के लिए शिक्षा विभाग द्वारा चयन की जानकारी मिलने से मोंटी काफी खुश है. वहीं, जिला मुख्यालय डुमरा स्थित कमला गर्ल्स हाईस्कूल से मैट्रिक की परीक्षा 2024 में जिला स्तर पर तीसरा व बालिका वर्ग में प्रथम टॉपर रही दिव्या भारती भी बेंगलुरू स्थित इसरो परिसर का भ्रमण करेंगी.
दिव्या भारती को इसके लिए सूचीबद्ध किए जाने की जानकारी मिलने पर उसके परिवार वालों में खुशी दौड़ पड़ी है. दिव्या भारती मैट्रिक परीक्षा में 94.2 फीसदी अंक पाकर सफल रही. दिव्या जिले के डुमरा प्रखंड क्षेत्र के परसा पट्टी गांव निवासी कैलाश साह निराला की पुत्री दिव्या भारती की इच्छा साइंटिस्ट बन राष्ट्र की सेवा करने की है. दिव्या के पिता राम कैलाश साह निराला एक प्राइवेट इंडस्ट्री में वर्कर है, वहीं मां बबीता कुमारी गृहिणी है. बेटी की इस उपलब्धि पर उसके माता-पिता फूले नहीं समा रहे हैं. खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं.