बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र के पटैता कोरीपारा में टीकाकरण के बाद दो नवजात शिशुओं की मौत हो गई है। दो दिन पहले इन बच्चों को बीसीजी और पेंटा वन का टीका लगाया गया था। इस दौरान कुल 7 बच्चों का टीकाकरण किया गया था, जिनमें से शनिवार को दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि अन्य 5 बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया है।
टीकाकरण के बाद अचानक हुई इन मौतों से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य अधिकारियों ने गांव में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। घटना से जुड़े स्वास्थ्य कर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, दो दिन पहले क्षेत्र में नवजात बच्चों और तीन साल तक के बच्चों के लिए एक टीकाकरण अभियान चलाया गया था। इस दौरान पटैता के आंगनबाड़ी केंद्र में 7 बच्चों को टीका लगाया गया था। मृतकों के परिजनों का कहना है कि टीका लगाने के बाद बच्चों के चेहरे नीले पड़ने लगे, जिसके चलते लोग टीकाकरण को ही इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार मान रहे हैं।
पूर्व उपमुख्यमंत्री और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने इस घटना के बाद जिला अस्पताल पहुंचकर मृतक बच्चों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने ऑब्जर्वेशन में रखे गए पांच बच्चों का हाल भी जाना और उनके परिजनों को सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने एक मासूम बच्चे को गोद में लेकर दुलार भी किया।
परिजनों और ग्रामीणों ने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने घटना की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है, जो इस पूरे मामले की गहन जांच करेगी।