AI इम्पैक्ट समिट 2026
भारत और यूएई के बीच तकनीकी सहयोग को नई ऊंचाई देने वाला AI इम्पैक्ट समिट 2026 चर्चा का केंद्र बन गया है। इसी समिट में भाग लेने के लिए अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान नई दिल्ली पहुंचे। राजधानी में उनका स्वागत केंद्रीय संचार राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासनी चंद्रशेखर ने किया।
यह दौरा भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच रणनीतिक तकनीकी साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्यों खास है यह दौरा?
क्राउन प्रिंस की यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत तेजी से AI और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है। समिट का मुख्य उद्देश्य है:
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाना
- डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में संयुक्त निवेश
- स्टार्टअप और इनोवेशन को प्रोत्साहन
- स्मार्ट सॉल्यूशंस पर साझेदारी
किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
सूत्रों के अनुसार समिट के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच इन क्षेत्रों पर विशेष चर्चा होगी:
- AI आधारित हेल्थकेयर समाधान
- स्मार्ट सिटी टेक्नोलॉजी
- डिजिटल शिक्षा प्लेटफॉर्म
- ऊर्जा क्षेत्र में AI इंटीग्रेशन
- इंडस्ट्री 4.0 और ऑटोमेशन
इसके अलावा डेटा सुरक्षा, एथिकल AI और वैश्विक स्तर पर सुरक्षित तकनीकी ढांचे पर भी विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।
भारत-UAE संबंधों को मिलेगी नई दिशा
भारत और यूएई पहले से ही व्यापार, ऊर्जा और निवेश के क्षेत्र में मजबूत साझेदार रहे हैं। अब तकनीकी सहयोग पर बढ़ता फोकस दोनों देशों के संबंधों को और रणनीतिक बना सकता है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. पेम्मासनी चंद्रशेखर ने स्वागत के दौरान कहा कि यह समिट:
- भविष्य के AI समाधानों के विकास में नई दिशा देगा
- दोनों देशों के टेक लीडर्स को एक मंच पर लाएगा
- युवाओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम को अवसर प्रदान करेगा
कौन-कौन होंगे शामिल?
AI इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेंगे:
- वैश्विक टेक विशेषज्ञ
- उद्योगपति
- स्टार्टअप फाउंडर्स
- नीति-निर्माता
- डिजिटल इनोवेशन लीडर्स
समिट का उद्देश्य केवल तकनीकी चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश, साझेदारी और दीर्घकालिक सहयोग की मजबूत नींव रखना भी है।
क्या बदल सकता है इस समिट से?
- भारत में AI निवेश में तेजी
- UAE-India संयुक्त टेक प्रोजेक्ट्स
- डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग
- स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग और एक्सचेंज प्रोग्राम
नई दिल्ली में आयोजित यह समिट भारत को वैश्विक AI हब बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम माना जा रहा है। क्राउन प्रिंस की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि भारत और यूएई भविष्य की डिजिटल दुनिया को मिलकर आकार देने के लिए तैयार हैं।