मेढ़की गांव जुर्माना नियम
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के मेढ़की गांव ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए एक अनोखा फैसला लिया है। अब गांव में किसी के खिलाफ चुगली करना महंगा पड़ेगा। ग्राम समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि चुगली करने पर 5,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।
जिला मुख्यालय बालोद से करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित मेढ़की गांव में हाल ही में चुगली के कारण दो पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया था। चौक-चौराहों पर बैठकर की गई टिप्पणियों और आपसी आरोप-प्रत्यारोप ने माहौल तनावपूर्ण बना दिया था। इसके बाद ग्रामीणों ने सामूहिक बैठक बुलाकर सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया।
क्यों लिया गया यह फैसला?
ग्रामसभा में चर्चा के बाद यह निष्कर्ष निकला कि:
- चुगली गांव में मनमुटाव की बड़ी वजह बन रही है
- आपसी विवाद बढ़ने से सामाजिक एकता प्रभावित हो रही है
- सार्वजनिक स्थलों पर की गई टिप्पणियां माहौल बिगाड़ रही हैं
इसी को ध्यान में रखते हुए मेढ़की गांव जुर्माना नियम लागू किया गया।
नए नियम के मुख्य बिंदु
- किसी व्यक्ति के खिलाफ चुगली करने पर 5,000 रुपए जुर्माना
- चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर आपत्तिजनक टिप्पणी पर रोक
- धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में शराब पीकर आने पर 5,000 रुपए दंड
- शराब बेचने या सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने पर 10,000 रुपए जुर्माना
- सूचना देने वालों को प्रोत्साहन राशि
ग्रामीणों का कहना है कि जुर्माने की राशि गांव के विकास कार्यों में खर्च की जाती है।
ग्राम नेतृत्व का क्या कहना है?
गांव की सरपंच मंजूलता परस साहू, ग्राम पटेल होरी लाल गजपाल, ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव और अन्य जनप्रतिनिधियों ने बताया कि यह कदम गांव में भाईचारा और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
उनका कहना है कि कुछ लोगों की चुगली से विवाद की स्थिति बन रही थी, जिससे गांव का वातावरण प्रभावित हो रहा था। इसलिए सामूहिक सहमति से नियम लागू किया गया।
प्रशासन का रुख
अपर कलेक्टर Ajay Kishore ने कहा कि यह ग्राम समिति का अपना निर्णय है। ग्रामीणों ने गांव की बेहतरी के लिए यह कदम उठाया होगा। प्रशासन इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।
हर महीने होगी समीक्षा
गांव में पहले से ही सामाजिक नियमों की समीक्षा के लिए हर महीने बैठक होती है। इस बार की बैठक में चुगली और शराब से जुड़े नियमों को और सख्त किया गया।
ग्रामीणों का मानना है कि इन नियमों से:
- गांव में शांति और अनुशासन बना रहेगा
- युवाओं और बुजुर्गों के बीच सौहार्द बढ़ेगा
- विकास कार्यों में सहभागिता मजबूत होगी
मेढ़की गांव की यह पहल सामाजिक नियंत्रण और सामूहिक जिम्मेदारी का उदाहरण मानी जा रही है। मेढ़की गांव जुर्माना नियम ने यह संदेश दिया है कि छोटे स्तर पर भी सामूहिक निर्णय लेकर बड़े सामाजिक बदलाव की शुरुआत की जा सकती है।