तमिलनाडु में शिक्षक दिवस (5 सितंबर 2024) के दौरान एक सरकारी स्कूल में धार्मिक भाषण पर बवाल शुरू हो गया है. चेन्नई में एक सरकारी स्कूल में शिक्षक दिवस के मौके पर बुलाए गए एक आध्यात्मिक स्पीकर ने अपने लेक्चर में पुनर्जन्म और कर्म के बारे में बात की, जिससे सोशल मीडिया पर बहस शुरू गई. विवाद बढ़ने पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है.
दरअसल, 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के मौके पर परमपोरुल फाउंडेशन के महाविष्णु को मायलापुर क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में मोटिवेशनल स्पीकर को बुलाया गया था. अपने लेक्चर के दौरान स्पीकर ने पिछले जन्म के पापों और कर्मों के विषयों पर बात की. भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग इसकी आलोचना कर रहे हैं. कई लोगों ने स्कूल प्रशासन और तमिलनाडु के स्कूल शिक्षा मंत्री अंबिल महेश को जिम्मेदार ठहराया. विवाद बढ़ता देख सीएम एमके स्टालिन ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है.
वक्ता महाविष्णु ने अपने भाषण में कहा कि गुरुकुलों को अंग्रेजों द्वारा व्यवस्थित रूप से नष्ट कर दिया गया था. उन्होंने कहा कि केवल एक मंत्र पढ़ने से आग बरस सकती है, शरीर को ठीक किया जा सकता है और आप उड़ सकते हैं, लेकिन ये सभी रहस्य जो ताड़ पत्रों पर लिखे गए थे, अंग्रेजी शासन के कारण खो गए. उन्होंने आगे कहा, “अगर भगवान दयालु होते, तो सभी समान पैदा होते. एक अमीर पैदा होता है जबकि दूसरा गरीब. एक अपराधी पैदा होता है जबकि दूसरा नायक. ऐसे अंतर क्यों? आपने अपने पिछले जन्म में क्या किया, जो आपको यह जन्म मिला.”
स्कूल के एक कर्मचारी ने वक्ता की टिप्पणियों का विरोध किया. उन्होंने कहा कि आपको मोटिवेशनल स्पीकर के तौर पर बुलाया गया था, न कि आध्यात्मिक प्रवचन के लिए. इससे वक्ता और कर्मचारी के बीच तीखी बहस भी हो गई.