कर्नाटक में मतदाता सूची विवाद ने पकड़ा तूल
कर्नाटक के हुबली शहर से सामने आई एक घटना ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। मतदाता सूची संशोधन के दौरान कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुआ विवाद अब गंभीर आरोपों तक पहुंच गया है। मामला उस समय और ज्यादा संवेदनशील हो गया जब एक भाजपा महिला कार्यकर्ता ने पुलिस हिरासत में कथित बदसलूकी और कपड़े फाड़े जाने का आरोप लगाया।
📍 घटना कहां और कैसे हुई?
यह पूरा विवाद हुबली के केशवापुर राणा क्षेत्र से जुड़ा है, जहां मतदाता सूची में संशोधन का कार्य चल रहा था। इसी दौरान कांग्रेस और भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए।
प्रमुख घटनाक्रम इस प्रकार हैं:
- कांग्रेस पार्षद सुवर्णा कल्लाकुंतला ने महिला कार्यकर्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
- शिकायत के आधार पर पुलिस ने भाजपा महिला कार्यकर्ता को हिरासत में लिया।
- हिरासत के दौरान महिला ने विरोध किया, जिसके बाद कथित तौर पर पुलिस के साथ झड़प हुई।
- महिला का आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने उसके साथ मारपीट की और कपड़े फाड़ दिए।
🚨 महिला कार्यकर्ता के गंभीर आरोप
हिरासत से बाहर आने के बाद महिला कार्यकर्ता ने मीडिया से बातचीत में कई गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि:
- उन्होंने किसी भी मतदाता का नाम हटाने में मदद नहीं की।
- उन्हें राजनीतिक द्वेष के कारण फंसाया गया।
- हिरासत में उनके साथ शारीरिक और मानसिक दुर्व्यवहार किया गया।
महिला ने यह भी दावा किया कि वह पहले कांग्रेस से जुड़ी हुई थीं, लेकिन हाल ही में भाजपा में शामिल हुई हैं, इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया गया।
🏛️ पुलिस और प्रशासन की भूमिका
अब तक पुलिस की ओर से हिरासत में बदसलूकी के आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच कर रही है।
स्थिति को संभालने के लिए:
- इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
- दोनों दलों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
🔥 राजनीतिक माहौल हुआ गरम
इस घटना के बाद हुबली समेत आसपास के इलाकों में राजनीतिक तनाव साफ देखा जा सकता है।
- भाजपा ने इसे महिला सम्मान और लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा बताया है।
- कांग्रेस ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित और भ्रामक बताया है।
दोनों दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई हैं, जिससे मामला और उलझता नजर आ रहा है।