पश्चिम बंगाल के कोलकाता में जूनियर महिला डॉक्टर के साथ रेप और मर्डर की घटना के बाद आरजी कर मेडिकल कॉलेज को लेकर तरह तरह की बातें सामने आ रही हैं. इस घटना के आरोपी संजय रॉय के अलावा अगर किसी और की चर्चा है, तो वह है इस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल संदीप घोष की. पूरे प्रकरण की जांच कर रही सीबीआई, संदीप घोष से भी पूछताछ कर रही है. संदीप घोष के प्रिंसिपल बनने के पीछे की कहानी भी काफी चौंकाने वाली है. आइए जानते हैं कि जब इस पोस्ट के लिए इंटरव्यू हो रहे थे, ऐसा क्या हुआ जिससे सब नामों को दरकिनार कर संदीप घोष का नाम प्रिंसिपल के लिए सेलेक्ट हो गया.
संदीप घोष को लेकर कई बातें सामने आ रही हैं. बताया जा रहा है कि जब आरजी कर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल के लिए इंटरव्यू चल रहे थे, तो संदीप घोष का नाम 16वें स्थान पर था, लेकिन रातों रात उसका नाम सेलेक्टेड कैंडिडेट्स की लिस्ट में टॉप पर पहुंच गया और उसे प्रिंसिपल बना दिया गया. वर्ष 1994 में संदीप घोष ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज से ही ग्रेजुएशन किया था. कई मीडिया रिपोर्ट्स में बंगाल के एक अन्य मेडिकल कॉलेज में कार्यरत एक प्रोफेसर के हवाले से कहा गया है कि जब आरजी कर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल के लिए चयन प्रक्रिया चल रही थी. उस समय इस पोस्ट के लिए संदीप घोष का नाम इंटरव्यू वाली लिस्ट में 16वें नंबर पर था, लेकिन पता नहीं ऐसा क्या हुआ कि उसका नाम रातों रात लिस्ट में सबसे ऊपर टॉप पर पहुंच गया. वह वर्ष 2021 में आरजी कर मेडिकल कॉलेज का प्रिंसिपल बन गया.
आरजी कर अस्पताल के प्रिंसिपल संदीप घोष पर कई आरोप लग रहे हैं. आरजी कर अस्पताल के ही प्रोफेसर व उपाधीक्षक रहे डॉ. अख्तर अली ने मीडिया से बातचीत में संदीप घोष को बहुत भ्रष्ट बताया. उन्होंने यह भी कहा कि वह कमीशन के लिए छात्रों को फेल भी करता था. इतना ही नहीं अख्तर अली ने संदीप घोष पर मेडिकल कॉलेज के गेस्ट हाउस में छात्रों को शराब सप्लाई कराने के आरोप भी लगाए. उन्होंने यह भी कहा कि मेडिकल कॉलेज में कोई ऐसा काम नहीं था, जिसमें संदीप घोष वूसली न करता हो. डॉ अख्तर अली ने बताया कि वर्ष 2023 में उन्होंने उसके खिलाफ शिकायत की, तो उसके बाद उन्हीं का ट्रांसफर कर दिया गया.