निनाद के पंजे में फंसा विदर्भ, पहली पारी में बड़ौदा के सामने 169 रनों पर हुई ढेर

जयदीप रघुवंशी: रणजी मुकाबले में विदर्भ टीम का दिन रविवार को बड़ौदा के सामने खराब रहा और तीसरे सत्र तक पूरी टीम मात्र 58 ओवर में 169 के स्कोर पर पवेलियन लौट गई। दिन का खेल समाप्त होने तक बड़ौदा ने 2 विकेट खोकर 70 रन बना लिए अब वह बढ़त लेने से 99 रन पीछे है। रविवार से रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप ‘ए’ का 5वां मुकाबला विदर्भ क्रिकेट एसोसएिशन के जामठा स्थित स्टेडियम में शुरू हुआ।

टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरे विदर्भ के बल्लेबाज बड़ौदा के गेंदबाजों के जाल में फंसते नजर आए। स्टार्ट मिलते ही अपना विकेट फेंक रहे बल्लेबाजों की पूरी फौज 169 रन पर सिमट गई। बड़ौदा के स्लो लेफ्ट आर्म्स आथ्रोडक्स निनाद राठवा ने आधी टीम को अपने ‘पंजे’ में फंसा लिया।

सबसे बेहतरीन बॉलिंग कर निनाद राठवा बड़ौदा के लिए हीरो बनकर सामने आए जिन्होंने 16 ओवर में मात्र 47 रन देकर 5 विकेट झटक लिए। कप्तान अतीत सेठ और राज लिम्बानी ने शुरुआती झटके देकर विदर्भ के बल्लेबाजों को जमने ही नहीं दिया। दोनों ने 2-2 विकेट निकालकर बड़ौदा को पूरे दिन मैच में बढ़त दिलाए रखी।

स्टार्ट मिली पर बड़ा स्कोर नहीं बना सके

विदर्भ के बल्लेबाजों को खासकर अमन मोखाड़े (37), पार्थ रेखड़े (20), ध्रुव शौरी (25) और दर्शन नालकंडे (20) को अच्छी शुरुआत मिली लेकिन हमेशा की तरह एक छोर पर खड़े यश राठौड़ को कोई भी साथ नहीं मिला और सभी स्टार्ट लेने के बाद अपना विकेट गंवाते चले गए। नाबाद रहे यश ने पारी के दौरान विदर्भ के लिए सबसे ज्यादा 40 रन बनाए।

46 रन की सबसे बड़ी साझेदारी

अमन मोखाड़े और पार्थ रेखड़े के बीच पारी की सबसे बड़ी साझेदारी पनपी जो 46 रन की थी. इसके अलावा कोई भी बल्लेबाज मजबूत साझेदारी की नींव नहीं रख सका. लिहाजा पूरी टीम 58 ओवर में 169 के स्कोर पर ऑलआउट हो गई.

ऐसे गिरे विदर्भ के विकेट

  • 15/1 अथर्व तायड़े
  • 61/2 पार्थ रेखड़े
  • 87/3 अमन मोखाड़े
  • 90/4 आर समर्थ
  • 103/5 ध्रुव शौरी
  • 116/6 अक्षय वाडकर
  • 144/7 दर्शन नालकंडे
  • 150/8 नचिकेत भूते
  • 150/9 गणेश भोसले
  • 169/10 प्रफुल्ल हिंगे

कप्तान का बल्ला खामोश, अब तक एक भी अर्धशतक नहीं

विदर्भ को पिछले सत्र में चैम्पियन बनाने वाले कप्तान अक्षय वाडकर इस सत्र में अपनी फार्म से दूर नजर आ रहे हैं। अब तक उनके बल्ले से एक भी बड़ी पारी नहीं निकली है। जब भी टीम संकट में होती है तब अपने कप्तान की ओर देखती है लेकिन कप्तान का बल्ला खामोश है। कुल 5 पारियों में वाडकर ने सिर्फ 113 रन बनाए हैं। इनमें एक भी अर्धशतक नहीं है। वाडकर धैर्य के साथ पिच कंडीशन को समझकर एक छोर संभालने के लिए माहिर माने जाते हैं। हालांकि विदर्भ को उम्मीद है कि जल्द ही उसके कप्तान अपनी लय में वापस लौट आएंगे।

अक्षय की पिछली 5 पारियां

  • 05 (16) रन बनाम बड़ौदा
  • 21 (79) रन बनाम ओडिशा
  • 43 (109) बनाम तमिलनाडु
  • 0 (7) बनाम झारखंड
  • 44 (104) बनाम नगालैंड

भूते ने दिए दोनों झटके

लक्ष्य का पीछा करने उतरी बड़ौदा टीम को भी 2 झटके लग गए। दिन का खेल समाप्त होते तक बड़ौदा ने 70 रन बना लिए हैं। टीम का पहला विकेट 11 के स्कोर पर गिरा जब 5वें ओवर की दूसरी गेंद पर सलामी बल्लेबाज शिवालिक शर्मा को विदर्भ के पेसर नचिकेत भूते ने एलबीडब्ल्यू कर दिया। उनकी जगह बल्लेबाजी करने उतरे सास्वत रावत (33) और जेके सिंह (27) के बीच 59 रनों की पार्टनरशिप को भी भूते ने दिन की आखिरी गेंद पर विकेटकीपर के हाथों कैच कराकर तोड़ा। जेके सिंह नाबाद लौटे।

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