अवैध रेत उत्खनन पर हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन, खनिज विभाग मौन

अवैध रेत उत्खनन

बिलासपुर: अरपा नदी से अवैध रेत उत्खनन पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट द्वारा प्रतिबंध लगाने के बावजूद, नेशनल हाईवे-130 और इसके आसपास के क्षेत्र में रेत खनन जोरों पर जारी है। सेंदरी, घुटकू, लोखंडी, मंगला, छठघाट, दो मुहानी, और ढेका जैसे स्थानों पर रेत का अवैध उत्खनन हो रहा है। दैनिक भास्कर द्वारा किए गए ड्रोन कैमरे से वीडियो शूट में, नदी के बीच दर्जनों ट्रैक्टर रेत निकालते हुए दिखाई दिए।

प्रशासन का दावा और जमीनी हकीकत

प्रशासन ने दावा किया कि खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम अवैध रेत खनन के खिलाफ सक्रिय है। हालांकि, मौके पर जांच और परिवहन रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। सेंदरी घाट पर रविवार रात 3 बजे ड्रोन से ली गई तस्वीरों में 9 ट्रैक्टर रेत लोड करते हुए दिखाई दिए। घुटकू घाट पर भी स्थिति लगभग यही रही, जहां अवैध रेत खनन जारी था।

रोड़े और रेत के ढेर से रास्ते बंद करने की कोशिश

रेत खनन के क्षेत्र में पहुंचने वाले रास्तों को रोड़े और रेत के ढेर से ब्लॉक किया गया था ताकि बाहरी लोग या जांच टीम पहुंच न सके। यह पूरी प्रक्रिया रात भर चलती रही, लेकिन खनिज विभाग या पुलिस की टीम का कहीं कोई नज़र नहीं आया। यह स्थिति बेहद चौंकाने वाली है, खासकर उस घटना के बाद जब हाल ही में रेत माफिया द्वारा नायब तहसीलदार को कुचलने की कोशिश की गई थी।

खनिज विभाग की चुप्पी

इस पूरे मामले में जब खनिज विभाग के उप संचालक, केके गोलघाटे से संपर्क किया गया, तो उन्होंने न तो कोई जवाब दिया और न ही इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी की। यह सरकारी विभाग की निर्विकार चुप्पी को लेकर सवाल खड़े करता है, जबकि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद अवैध रेत उत्खनन जोरों पर है।

समाज और प्रशासन पर सवाल

अरपा नदी में अवैध रेत खनन को लेकर लगातार हो रही घटनाएं, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। क्या स्थानीय प्रशासन और खनिज विभाग, रेत माफिया के दबाव में हैं? या फिर वे जानबूझकर हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं?

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