दुश्मन के हर वार पर भारी पड़ेगी VSHORADS मिसाइल, अचूक ताकत से थर्रा उठेंगे चीन और पाक

भारत ने एक बार फिर से अपनी सैन्य शक्ति को सशक्त करते हुए स्वदेशी रूप से विकसित की गई VSHORADS (वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम) मिसाइल का सफल परीक्षण किया। राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित पोखरण फायरिंग रेंज में यह परीक्षण हुआ। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित यह मिसाइल देश की वायु रक्षा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। तीन सफल परीक्षणों के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO, भारतीय सेना और इस परियोजना में शामिल निजी उद्योगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह तकनीकी रूप से उन्नत मिसाइल भारतीय सशस्त्र बलों को दुश्मन के हवाई खतरों से निपटने के लिए एक नई ताकत देगी।

VSHORADS एक चौथी पीढ़ी का मिनिएचर हथियार प्रणाली है जो अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। इस मिसाइल की खासियत इसकी सटीकता और छोटे रेंज में बेहद तेज प्रतिक्रिया है, जो इसे हवाई रक्षा के लिए एक आवश्यक प्रणाली बनाती है। यह मिसाइल दुश्मन के विमानों, ड्रोन और अन्य हवाई खतरों को कम दूरी पर निशाना बनाने में सक्षम है। DRDO ने इसे ऐसे डिजाइन किया है कि यह उच्च गतिशीलता और सटीकता के साथ टारगेट पर वार कर सके।

भारतीय सशस्त्र बल पिछले कुछ समय से रूस द्वारा विकसित इगला मिसाइल प्रणाली पर निर्भर थे लेकिन इनकी जगह अब VSHORADS ले सकती है। यह नया डिफेंस सिस्टम पिछले कुछ वर्षों से विकास के अधीन था और अब इसे सेना की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार माना जा रहा है।

VSHORADS प्रोजेक्ट में निजी क्षेत्र की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। दो निजी कंपनियां इस मिसाइल के विकास और उत्पादन में शामिल रही हैं जिससे यह मिसाइल पूरी तरह से स्वदेशी बन गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफल परीक्षण के बाद कहा कि यह मिसाइल प्रणाली भारतीय सशस्त्र बलों को और सशक्त बनाएगी और दुश्मन के हवाई खतरों से निपटने में मददगार साबित होगी। इस मिसाइल की ताकत भारत के डिफेंस सिस्टम को और मजबूती देगी। इसके साथ ही उन्होंने भारत के इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई, और कहा कि भारत का उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता और सामूहिक सुरक्षा को बढ़ावा देना है।

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