संविधान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है, जिसमें राहुल गांधी और कभी उनके करीबी रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया साथ दिख रहे हैं। जिस अंदाज में दोनों एक दूसरे का हाथ थामे नजर आए, उससे सोशल मीडिया यूजर्स को उनकी पुरानी दोस्ती याद आ गई। सिंधिया अब भाजपा में हैं और केंद्रीय मंत्री का ओहदा संभाल रहे हैं। लोकसभा में नेता विपक्ष के नाते राहुल गांधी संविधान दिवस कार्यक्रम में मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू के साथ भी नजर आए।
सिंधिया राजघराने से आने वाले ज्योतिरादित्य गुना से लोकसभा सांसद हैं। 2020 में कांग्रेस में बगावत करके भाजपा में शामिल होने से पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया का कांग्रेस में बड़ा कद था। वह राहुल गांधी की युवा ब्रिगेड के सबसे अहम सदस्य बताए जाते थे। दोनों अक्सर साथ दिखते थे।सिंधिया के पिता माधवराव सिंधिया भी कांग्रेस के दिग्गज नेता थे।
हालांकि, 2018 विधानसभा चुनाव के बाद परिस्थिति तेजी से बदलने लगी। उस चुनाव में जीत के बाद कांग्रेस ने संधिया को दरकिनार करते हुएकमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाया। कमलनाथ और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के साथ खटास की वजह से 15 महीने बाद ही सिंधिया कांग्रेस छोड़ने पर मजबूर हो गए। उनके साथ 22 विधायकों ने भी इस्तीफा दे दिया था, जिससे कमलनाथ की सरकार गिर गई थी। बाद में वह भाजपा में चले गए।
ऐसे में लंबे समय बाद मंगलवार को पुराने संसद भवन में आयोजित कार्यक्रम में अचानक राहुल गांधी का सामना अग्रिम पंक्ति में खड़े ज्योतिरादित्य सिंधिया से हो गया। उस समय राहुल के साथ कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी थे। मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने सिंधिया का हाथ गर्मजोशी से थाम लिया। दोनों की मुलाकात ने सबका ध्यान खींचा। आसपास खड़े सांसद भी उनकी ओर देखने लगे।
अब दोनों की हाथ थामे तस्वीर सामने आई तो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने दोनों नेताओं के बीच पुरानी दोस्ती को भी याद किया। हालांकि, आपको बता दें कि यह अचानक हुई एक शिष्टाचार मुलाकात थी और संसद भवन में अक्सर नेताओं के बीच इस तरह की मुलाकातें होती रहती हैं। यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई जब हाल ही में राहुल गांधी की ओर से ब्रिटिश शासन और भारतीय राजघरानों को लेकर लिखे गए एक लेख को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उन पर पलटवार किया था।