अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गए डोनाल्ड ट्रंप अपने कार्यकाल के पहले ही दिन चीन, कनाडा और मेक्सिको पर ट्रेड स्ट्राइक करना चाहते हैं। डोनाल्ड ट्रंप इन तीनों देशों से होने वाले आयात पर टैक्स बढ़ाना चाहते हैं। यदि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने यह फैसला लिया तो चीन और कनाडा के लिए यह करारा झटका होगा। इसकी वजह यह है कि दोनों देशों के कुल निर्यात में अमेरिका की बड़ी हिस्सेदारी है। इस पर चीन ने जवाब भी दिया है और उसका कहना है कि इस तरह के टैरिफ वार में किसी की जीत नहीं होगी।
दिलचस्प बात यह है कि चीन, कनाडा और मेक्सिको से बढ़े अमेरिका के तनाव की एक बड़ी वजह Fentanyl नाम की नशीली दवा है। यह दवा दर्द में राहत के लिए दी जाती है, लेकिन इसकी अधिक डोज इतनी खतरनाक होती है कि लोग नींद के गहरे आगोश में कई घंटों के लिए चले जाते हैं। इसके चलते नशे के तौर पर भी इसका खूब इस्तेमाल हो रहा है। अमेरिका में यह प्रतिबंधित है, लेकिन इसकी तस्करी चीन, कनाडा और मेक्सिको से होने के आरोप लगते रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने इसका ही जिक्र करते हुए कहा कि चीन से जब तक अवैध नशीले पदार्थों और खासतौर पर Fentanyl की तस्करी बंद नहीं होती, तब तक ऐक्शन जारी रहेगा।
इसके जवाब में अमेरिका स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता लिउ पेंगयु का कहना है कि टैरिफ वार में किसी की जीत नहीं होगी। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि बीते साल जो बाइडेन और शी जिनपिंग की मुलाकात में एक करार हुआ था। उसके बाद से ही हम तस्करी पर रोक लगाने के प्रयास कर रहे हैं। हमने इस संबंध में अमेरिकी एजेंसियों को बताया भी है कि उनके साथ किए करार के तहत क्या स्थिति है। इससे पता चलता है कि चीन का इस ड्रग की तस्करी में कोई रोल नहीं है। उन्होंने कहा कि चीन पर लगाए जा रहे आरोपों और सच्चाई के बीच कोई संबंध नहीं है। लिउ पेंगयु ने कहा कि हमने इस संबंध काफी कदम उठाए हैं और इससे जुड़े केमिकल की तस्करी को रोका है।
क्या है Fentanyl, जो अमेरिका में बनी मौतों की बड़ी वजह
अमेरिका में Fentanyl का प्रचलन नशे के सेवन के लिए बहुत बढ़ा है। यह दवा इतनी हार्ड है कि एक बार इसका सेवन करने के बाद लोग घंटों आगोश में रहते हैं। इस पर अमेरिका में प्रतिबंध है, लेकिन मेक्सिको, चीन और कनाडा के माध्यम से इसकी तस्करी के आरोप लगते रहे हैं। निश्चित मात्रा में मरीजों को इसे देने का प्रावधान है, लेकिन इसके लिए भी डॉक्टर की निगरानी जरूरी है। इस दवा का बेजा इस्तेमाल बहुत बढ़ा है। टैबलेट, पाउडर या इंजेक्शन के रूप में भी इसका प्रयोग किया जा रहा है। इसके अलावा कई ऐसी दवाएं भी हैं, जिनके साथ मिलाकर इसका प्रयोग होता है और वे काफी घातक होती हैं। ऐसे में अमेरिका में नशे पर रोक लगाने के लिए ट्रंप कनाडा, चीन और मेक्सिको पर लगाम चाहते हैं।