रमजान में पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान पर किए गए हमले, भारत का कड़ा रुख: क्या है भारत का नजरिया?

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नई दिल्ली: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, और ताजा स्थिति में यह संघर्ष अब सैन्य ताकत से हल होने की ओर बढ़ता दिख रहा है। शुक्रवार को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के काबुल, कंधार, और पक्तिका क्षेत्रों पर बमबारी की, जिससे न केवल संघर्षविराम की उम्मीदें टूट गईं, बल्कि एक नया सैन्य संघर्ष भी शुरू हो गया। पाकिस्तान ने दावा किया कि इस हवाई हमले में 130 से अधिक तालिबानी लड़ाके मारे गए, जिन्हें वह अफगान हमलों का बदला मान रहा है।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने इस हमले के बाद एक्स पर बयान देते हुए कहा, “हमारा धैर्य अब जवाब दे चुका है। अब हमारे बीच खुला युद्ध है।” पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान आतंकवाद का निर्यात कर रहा है, जबकि अफगानिस्तान इसे पाकिस्तान की साम्राज्यवादी सोच करार दे रहा है।

भारत का रुख:

हालाँकि, भारत ने इस ताजा संघर्ष पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन भारत का पिछला रुख पूरी तरह स्पष्ट है। भारत ने हमेशा से अफगानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन किया है और पाकिस्तान की आक्रामकता की निंदा की है। इस संदर्भ में, भारत का स्टैंड यह है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक विफलताओं का दोष अपने पड़ोसियों पर मढ़ता है।

2025 में, जब तनाव और बढ़ा था, तब भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा था कि पाकिस्तान अपने आंतरिक समस्याओं को छिपाने के लिए बाहरी देशों पर आरोप लगाता है। इसके अलावा, 22 फरवरी को जब पाकिस्तान ने नांगरहार और पक्तिका में हवाई हमले किए थे, तब भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के हमलों की निंदा करते हुए कहा था, “भारत रमजान के पवित्र महीने के दौरान अफगान क्षेत्र पर पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा करता है, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित आम नागरिक मारे गए हैं।”

तालिबान और भारत का बढ़ता सहयोग:

पाकिस्तान की एक और चिंता अफगानिस्तान और भारत के बीच बढ़ती कूटनीतिक नजदीकी है। अक्टूबर 2025 में अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी की भारत यात्रा के बाद, पाकिस्तान को यह लगता है कि भारत अफगानिस्तान में अपनी प्रॉक्सी सक्रिय कर रहा है। पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि अफगान धरती पर भारत की गतिविधियाँ बढ़ रही हैं, लेकिन भारत ने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया।

भारत का स्पष्ट रुख:
भारत का मानना है कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान के द्वारा अपनी संप्रभुता का प्रयोग करने से परेशान है। भारत और अफगानिस्तान के बीच बढ़ती कूटनीतिक साझेदारी ने पाकिस्तान को असहज कर दिया है। भारत का यह रुख अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन में है, जबकि पाकिस्तान को अपनी आक्रामक नीति से सख्त नफरत है।

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