ये कैसी मजबूरी! स्कूल में घुसा बाढ़ का पानी तो ऑनलाइन अटेंडेंस के लिए हाईवे पर बैठ गए टीचर

बिहार के मुंगेर में गंगा नदी उफान पर है. जिले के पांच प्रखंड के कई पंचायत और दर्जनों गांव में गंगा का पानी घुस चुका है. आम लोगों के साथ जानवरों को भी अब दो चार होना पड़ रहा है. बाढ़ की वजह से जिले के 51 स्कूल प्रभावित हुए हैं. बाढ़ का पानी स्कूलों में घुसने की वजह से सभी स्कूलों को तीन दिन के लिए बंद करने का निर्देश दिया गया है. इस बीच टीचर्स की ऑनलाइन अटेंडेंस का फैसले के बाद की अनोखी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर बहुत लोग हैरान हैं.


ऑनलाइन अटेंडेंस के नियम के चलते जमालपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय घटवा टोला बोचाही के शिक्षकों ने ऐसा काम किया, जिसे देखकर हर कोई हैरान है. गुरुवार की सुबह स्कूल में बाढ़ का पानी आ गया और अभी इस विद्यालय में करीब 4 से पांच फीट पानी जमा हो गया. इस बीच विद्यालय में प्रभारी प्रधानाध्यापक और शिक्षक ने विद्यार्थियों की छुट्टी कर दी गई, लेकिन खुद की ऑनलाइन अटेंडेंस के लिए नेशनल हाईवे पर कुर्सी डाल ली.

विद्यालय के प्रभारी हेडमास्टर प्रभात रंजन, शिक्षक प्रेम कुमार और प्रशांत कुमार विद्यालय के सामने बरियारपुर-मुंगेर जाने वाली मुख्य सड़क (एनएच-80) पर टेबल-कुर्सी लगाकर कड़ी धूप के बीच अपने काम करते नजर आए. शिक्षकों की स्थिति को देख मुख्य सड़क से आने-जाने वाले लोग हैरान रह गए. 

हेडमास्टर ने बताया कि हमारा स्कूल में बाढ़ का पानी घुस गया है. हमलोग यहां रोड पर बैठे हुए हैं क्योंकि ऑनलाइन हाजिरी बना रहे हैं. इसके कारण विद्यालय के पास से कहीं जा भी नहीं सकते हैं. इसलिए विभाग के आदेशनुसार विभागीय काम सड़क पर बैठकर करना पड़ रहा है. विभाग को इसकी सूचना दे दी गई है. अब जैसा आदेश आएगा वैसा किया जाएगा. इस विद्यालय में कुल 56 नामांकित छात्र हैं.

वहीं जिले में बढ़ते बाढ़ को देखते हुए डीएम अवनीश कुमार सिंह ने सभी अधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश जारी किया है. डीएम ने बताया कि मुंगेर में बाढ़ प्रभावित कुल 51 स्कूलों को चिन्हित करते हुए तत्काल तीन दिनों के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है. आगे बाढ़ की क्या स्थिति रहती है उसके मुताबिक निर्णय लिया जाएगा.

बता दें कि बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने 27 अगस्त 2024 से टीचर्स की ऑनलाइन अटेडेंस को लागू करने के सख्त निर्देश जारी किया था. उन्होंने कहा है कि 01 अक्टूबर से केवल उन्हीं शिक्षकों को वेतन दिया जाएगा जिनकी एप्लिकेशन पर ऑनलाइन अटेंडेंस होगी. अगर किसी शिक्षक को छुट्टी लेनी है तो उसे पहले प्रिंसिपल से परमिशन लेनी होगी, उसके बाद ही ई-शिक्षाकोष मोबाइल एप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. किसी शिक्षक को अगर स्कूल के काम से बाहर जाना है तो ऐसे स्थिति में मोबाइल एप पर अगल से अटेंडेंस का ऑप्शन दिया गया है. प्रिंसिपिल की परमिशन के बाद ही स्कूल से बाहर जाने के लिए मोबाइल एप पर आवेदन कर सकते हैं. यह एप स्कूल के 500 मीटर के अंदर ही काम करेगा. 

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