बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयुष्मान भारत योजना को लेकर बयान दिया गया। इसके बाद दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार में बयानबाजियां तेज हो गई हैं। आप नेता और दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की जनता को मिल रही मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीते दो सालों में कब और कितने लोगों का मुफ्त इलाज किया गया।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मरीज अगर सरकारी अस्पताल में इलाज कराने आया और अगर यहां उसे लंबी डेट मिल रही है तो उसे इलाज के लिए हमने प्राइवेट अस्पताल में रेफर किया और वहां मुफ्त में सर्जरी कराई। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 2022-23 में 5,218 लोगों की प्राइवेट अस्पतालों में मुफ्त में सर्जरी कराई। इस पर दिल्ली सरकार ने 15.88 करोड़ रुपए खर्च किए। इसके बाद 2023-24 में 7036 लोगों की सर्जरी कराई। इसमें 25.04 करोड़ रुपए खर्च किए।
फरिश्ते योजना के अंतर्गत 2022-23 में 3698 लोगों का इलाज हुआ। इसके लिए दिल्ली सरकार ने 5.30 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। 2023-24 में 7,314 लोगों का इलाज किया गया। इसके लिए सरकार ने 6.67 करोड़ रुपए खर्च किया। मंत्री ने बताया कि ये वो लोग हैं जिनका रोड एक्सीडेंट हुआ और इन लोगों का अस्पताल में मुफ्त में इलाज हुआ।
सौरभ भारद्वाज ने केंद्र सरकार के अस्पतालों पर आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के अस्पताल जैसे एम्स, सफदरजंग और आरएमएल; लोगों को मुफ्त में इलाज नहीं देते हैं तो लोग हमारे पास आते हैं (केजरीवाल सरकार के पास) कि आप स्कीम के अंतर्गत उस अस्पताल में पैसा ट्रांसफर कर दो। इस पर सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली सरकार केंद्र सरकार के अस्पतालों को 5 लाख तक रुपए देती है। साल 2022-23 में इस तरह से करीब 1295 लोगों को मुफ्त इलाज मिला था। इसमें करीब 12.31 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। इसके अगले साल 2023-24 में 1393 लोगों पर 12.28 करोड़ रुपए खर्च किया है।
आपको बता दें कि बीते दिनों एक रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली और बंगाल के सत्तर साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों से माफी मांगी थी। इसके पीछे की वजह इन राज्यों में आयुष्मान भारत योजना लागू ना होना बताया था। प्रधानमंत्री ने माफी मांगते हुए कहा था कि इन राज्यों में ये योजना लागू ना होने के कारण यहां के बुजुर्गों को योजना से जुड़ी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके बाद से आप सरकार द्वारा कई बार प्रतिक्रिया दी गई थीं। इनमें से एक ये भी है।