मजदूरी पर नहीं गया तो उठा ले गया ठेकेदार! सक्ती में मजदूर का अपहरण, महिला समेत 5 आरोपी गिरफ्तार

मजदूर अपहरण


सक्ती जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मजदूरी पर नहीं जाने की वजह से एक मजदूर का कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठेकेदार समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

यह मामला डभरा थाना क्षेत्र के ग्राम कांसा का बताया जा रहा है। घटना के बाद पीड़ित की पत्नी ने हिम्मत दिखाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।


क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक, मजदूर राकेश भारद्वाज को ईंट भट्टे में काम करने के लिए पहले ही कुछ पैसे एडवांस दिए गए थे।

लेकिन जब वह तय समय पर काम पर नहीं पहुंचा तो ठेकेदार और उसके साथियों के साथ विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि इसी विवाद के चलते ठेकेदार ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर मजदूर को जबरन कार में बैठाकर ले गया।


आरोपी कौन-कौन हैं?

पुलिस जांच में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनमें शामिल हैं:

  • नरेश कुमार टंडन (ठेकेदार)
  • शिव टंडन
  • देवानंद भारद्वाज
  • कीर्तन खांडे
  • परमेश्वरी टंडन

इनमें एक महिला आरोपी भी शामिल है। सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की पूछताछ जारी है।


मजदूरों की सप्लाई का नेटवर्क

बताया जा रहा है कि आरोपी ठेकेदार अन्य राज्यों में ईंट भट्टों के लिए मजदूरों की सप्लाई करता है।

  • मजदूरों को एडवांस पैसे दिए जाते हैं
  • फिर उनसे तय समय तक काम करने की अपेक्षा की जाती है
  • काम पर नहीं जाने की स्थिति में विवाद बढ़ जाता है

यह घटना मजदूरों के शोषण और दबाव की गंभीर समस्या को भी उजागर करती है।


पुलिस की कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की।

  • पीड़ित की पत्नी का बयान दर्ज किया गया
  • संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई
  • पांचों आरोपियों को हिरासत में लिया गया

पुलिस का कहना है कि मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।


क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे मामले?

विशेषज्ञों का मानना है कि मजदूरी से जुड़े विवाद, एडवांस भुगतान और ठेकेदारी सिस्टम में पारदर्शिता की कमी ऐसे मामलों को जन्म देती है।

  • मजदूर आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं
  • एडवांस राशि के कारण दबाव बढ़ता है
  • कानूनी जानकारी का अभाव होता है

यह मामला सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि मजदूरों की सुरक्षा और अधिकारों से जुड़ा बड़ा सवाल है।

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