दिवाली पंच दिवसीय पर्व है। दिवाली का त्योहार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी यानी धनतेरस से शुरू होकर भ्रातृ द्वितीया तक चलता है। मकर इस बार यह पर्व 29 अक्टूबर से तीन नवंबर तक मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य पंडित दिवाकर त्रिपाठी के अनुसार, प्रदोष व्यापिनी त्रयोदशी तिथि में धनतेरस का पर्व 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। धनतेरस के दिन शुभ मुहूर्त में खरीदारी विशेष फलदायी रहने वाला है।
धनतेरस के दिन इन चीजों की खरीदारी करना होता है शुभ- धनतेरस के दिन इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, वाहन, सोना, चांदी आभूषण व बर्तन आदि की खरीदारी करना अत्यंत शुभ फलदायक होता है।
धनतेरस पर पूजन और खरीदारी का स्थिर लग्न- 29 अक्टूबर को स्थिर लग्न कुंभ दिन में दोपहर 01 बजकर 50 मिनट से दोपहर 03 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। वृषभ लग्न शाम 06 बजकर 25 मिनट से रात 08 बजे तक रहेगा। रात 07 बजकर 15 मिनट से रात 08 बजे तक लाभ चौघड़िया रहेगा। स्थिर लग्न सिंह मध्य रात्रि के बाद 1 बजे से 3 बजे तक रहेगा शुभ चौघड़िया 1 बजे से 3 बजे तक रहेगा।
मंगलवार सुबह से त्रयोदशी में शुभ खरीदारी- त्रयोदशी तिथि का मान 29 अक्टूबर, मंगलवार को दिन में10 बजकर 59 मिनट से शुरू होगी। यह अगले दिन बुधवार को दिन में 10 बजकर 59 मिनट तक रहेगी। गृहस्थी से जुड़ा सामान त्रयोदशी तिथि के स्थिर लग्न में खरीदना बेहतर होता है। इस दिन 29 अक्टूबर को त्रयोदशी तिथि में उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र सूर्योदय से रात 07 बजकर 49 मिनट तक रहेगा। उसके बाद हस्त नक्षत्र शुरू होगा। इस दिन इंद्र योग में रात 10 बजकर 11 मिनट तक रहेगा।