योगी सरकार ने अपराधियों के एनकाउंटर के लिए नई गाइडलाइन जारी की है, जिसमें शूटआउट साइट की वीडियोग्राफी, मृतक अपराधी के शव का दो डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम समेत कई दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. इसको लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेशे यादव का रिएक्शन सामने आया है. उन्होंने कहा कि जब पुलिस दबाव में है तो क्या डॉक्टर दवाब में नहीं होंगे.
जब अखिलेश से इस गाइडलाइन को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने पूछा कि जो भी जांच करेंगे, वो किसके अधिकारी होंगे. जब बीजेपी की नीयत ही साफ नहीं है तो आप कैसे न्याय देंगे. डीजीपी साफ कह रहे हैं कि पुलिस दबाव में है तो क्या डॉक्टर दबाव में नहीं होंगे.
सपा प्रमुख ने बिजनोर में 18 साल के एक युवक की पुलिस कस्टडी में मौत का मामला उठाते हुए कहा कि यूपी कस्टोरियल डेथ में नंबर एक हो गया है. फेक एनकाउंटर में नंबर एक है. उन्होंने मंगेश यादव के एनकाउंटर पर फिर से सवाल उठाते हुए कहा, “इनका संविधान कहता है कि अगर आपने एक यादव का एनकाउंटर कर दिया है या हत्या कर दी आपने, तो उसको बैलेंस करने के लिए हमें एक क्षत्रिय भी मारना पड़ेगा. बताइए कहां का कानून है. आपने एक यादव की हत्या कर दी. आपको समाज को दिखाना है कि आप निष्पक्ष हैं तो आपने एक क्षत्रिय की भी हत्या कर दी. उसके बाद उसके पिताजी से कहा कि ये तो विपक्ष वालों की वजह से हत्या हुई है.”
अखिलेश ने कहा कि मंगेश यादव की तो हत्या की गई है. अमेठी में भी जो मारा गया है, उसको भी हत्या की गई है. उसको बैलेंस करने के लिए मारा और नाकामी छिपाने के लिए मंगेश यादव को मारा.
यूपी पुलिस पर एनकाउंटर को लेकर सवाल उठने के बाद योगी सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है. डीजीपी की ओर से इसको लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. इसके तहत एनकाउंटर में अपराधी की मौत या घायल होने पर शूटआउट साइट की वीडियोग्राफी करानी होगी. अगर एनकाउंटर में अपराधी की मौत हो जाती है तो दो डॉक्टरों का पैनल डेडबॉडी का पोस्टमार्टम करेगा और उसकी भी वीडियोग्राफी होगी. इतना ही नहीं जिस जगह पर शूटआउट हुआ, वहां फॉरेंसिक टीम भी निरीक्षण करेगी.