जब पाकिस्तानी सरकार ने ही क्रिकेटरों को लगा दिया था चूना; फिर याद आया चेक बाउंस का वो किस्सा

नई दिल्ली. दुनियाभर में सरकारें ठगी या स्कैम को लेकर लोगों को सतर्क करती हैं। सावधानी हटी, दुर्घटना घटी को लेकर आगाह करती हैं। लेकिन अगर सरकार ही स्कैम कर दे तो? वही ठग दे तो? ये तो वही वाली बात हो गई- ‘मझधार में डूबे नैया तो मांझी पार लगाए, मांझी जो नाव डुबोए उसे कौन बचाए?’ एशिया कप में भारत की जीत के बाद पाकिस्तानी क्रिकेटरों को वहां की सरकार द्वारा ही चूना लगाने का एक पुराना किस्सा फिर चर्चा में आ गया है।

एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान को धूल चटाने वाली भारतीय टीम के लिए बीसीसीआई ने तत्काल 21 करोड़ रुपये के कैश प्राइज का ऐलान किया। इस बीच पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर सईद अजमल के 2023 के एक पॉडकास्ट का वीडियो क्लिप इंटरनेट पर वायरल हो गया जिसमें वह खुद के साथ पाकिस्तानी सरकार की तरफ से किए गए भद्दे मजाक का रोना रोते दिख रहे हैं।

हुआ कुछ यूं था कि पाकिस्तान ने 2009 का टी20 वर्ल्ड कप जीता था। सईद अजमल ने टूर्नामेंट में 12 विकेट लिए थे और पाकिस्तान को चैंपियन बनाने में उनकी बड़ी भूमिका रही थी।

वर्ल्ड कप जीतने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने पाकिस्तानी टीम को बुलाया। फोटो-शोटो हुए। खिलाड़ियों को 25-25 लाख पाकिस्तानी रुपये का चेक थमाते हुए गिलानी चौड़े होकर फोटो खिंचवाए। मीडिया में तस्वीरें छपी। पाकिस्तानी बेचारे खुश हो रहे थे कि देखो सरकार कैसे खिलाड़ियों को पुरस्कृत कर रही है।

एक ऐसे मुल्क में जहां की सरकार ‘कटोरे’ के लिए कुख्यात रही हो। जहां का प्रधानमंत्री किसी भी देश में जाए तो सबसे पहले उसकी प्राथमिकता ‘कटोरा’ आगे बढ़ाकर कुछ लेने की रही हो। जिस कंगाल देश की सरकार आतंकी जमातों के लिए तो तन-मन-धन से समर्पित रही हो लेकिन जैसे ही वहां के अवाम की बात आए तो कंगाली का रोना रोती रही हो। वैसे मुल्क में क्रिकेटरों को 25-25 लाख रुपये देने की बात से खिलाड़ी, फैन और अवाम तो फूलकर कुप्पा हो ही जाएगी। लेकिन हुआ क्या? प्रधानमंत्री का दिया चेक ही बाउंस हो गया।

सईद अजमल ने 2023 में एक पॉडकास्ट में वो किस्सा बताया था जिसका क्लिप अब फिर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उसमें अजमल बताते हैं, ‘जब 2009 का वर्ल्ड कप जीतकर आए। उसके फौरन बाद श्रीलंका का टूर था। वजीर-ए-आजम थे उस वक्त के, उन्होंने हमें इनविटेशन दिया और हमें 25-25 लाख रुपये का चेक दिया। हम बड़े खुश हुए। 2009 में 25 लाख बड़े पैसे थे।’

वह आगे कहते हैं, ‘हमें चेक मिला और चेक हमारा बाउंस हो गया। हमने कहा- गवर्नमेंट का चेक बाउंस हो गया! उन्होंने कहा कि पीसीबी के चेयरमैन चेक आपको देंगे। चेयरमैन साहब ने साफ इनकार कर दिया कि चेक आपको वहां से मिला तो मैं कहां से दूं? फिर हमें इकलौती मनी जो मिलनी थी…उसके फौरन बाद, वो तो मिल न सकी। हम श्रीलंका टूर पर चले गए। प्राइज मनी हमें जो आईसीसी की तरफ से मिली, वही मिली जितनी भी थी। उसके बाद श्रीलंका दौरे पर हम बुरी तरह हार गए। वो सारा कुछ ही कैंसल हो गया। न हमें मिल सका और न हम कुछ कर सकें।’

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