इजरायल पर ईरान के हमले के बीच ईरानी मीडिया में पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद का एक इंटरव्यू वायरल है. इंटरव्यू में वो इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद को लेकर जिस तरह के दावे करते दिख रहे हैं, उससे पता चलता है दुनिया में मोसाद की टक्कर का कोई नहीं. इंटरव्यू में अहमदीनेजाद दावा करते दिख रहे हैं कि ईरान ने मोसाद एजेंटों के खिलाफ लड़ने के लिए एक यूनिट बनाई थी लेकिन यूनिट का प्रमुख जिसे बनाया गया था, वो खुद एक मोसाद एजेंट निकला.
मोसाद एजेंट ने ईरान की यूनिट में कई और एजेंट्स शामिल किए थे और कई बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया. और तो और ये मोसाद एजेंट्स अपना मकसद पूरा कर बिना ईरान को भनक लगे वहां से बाहर निकलने में भी कामयाब रहे थे.
पूर्व ईरानी राष्ट्रपति का यह इंटरव्यू जून 2021 का है जो अब वायरल हो रहा है. उन्होंने यह इंटरव्यू उसी साल जून में होने वाले ईरानी राष्ट्रपति चुनाव से पहले दिया था. राष्ट्रपति पद की रेस में अहमदीनेजाद भी शामिल थे लेकिन उन्हें उनके बयानों के कारण ही पद के लिए अयोग्य करार दिया गया था.
अयोग्य करार दिए जाने के बाद उन्होंने सीएनएन तुर्क को दिए इंटरव्यू में मोसाद को लेकर खुलासे किए थे. इंटरव्यू के दौरान अहमदीनेजाद ने बताया कि यूनिट के प्रमुख के अलावा, 20 अन्य इजरायली मोसाद एजेंट उनके साथ काम कर रहे थे. इन मोसाद एजेंट्स ने ईरान के अंदर बड़े खुफिया ऑपरेशन चलाए.
अहमदीनेजाद के अनुसार, इन्हीं मोसाद एजेंटों ने ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम से संबंधित डॉक्यूमेंट्स चुराए और कई ईरानी परमाणु वैज्ञानिकों की हत्या की.
उन्होंने यह भी दावा किया था कि पकड़े जाने से पहले सभी एजेंट ईरान से भागने में सफल रहे और अब वे इजरायल में रहते हैं.
अहमदीनेजाद हाल के सालों में सत्ता से दूर रहे हैं हालांकि, उन्होंने कई बार ईरान के राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने की कोशिश की है. लेकिन उन्हें बार-बार अयोग्य करार दिया गया है.
इसी साल जब ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी एक विमान दुर्घटना में मारे गए थे, तब भी अहमदीनेजाद राष्ट्रपति पद की रेस में थे. हालांकि, मसूद पेजेश्कियान ईरान के नए राष्ट्रपति चुन लिए गए.