भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज में हुए एक जूनियर डॉक्टर के रेप और मर्डर के मामले में ममता बनर्जी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सीबीआई की जांच में बंगाल के मेडिकल कॉलेजों में 200 करोड़ रुपये के अंग तस्करी रैकेट का पता चला है।
अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर दो समाचार रिपोर्ट्स के स्क्रीनशॉट्स और लिंक शेयर करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बंगाल सरकार पर कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा, “सीबीआई की जांच से यह संकेत मिलता है कि आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 200 करोड़ रुपये का अंग तस्करी रैकेट सक्रिय था, जिसका प्रमुख कॉर्डिनेटर डॉक्टर संदीप घोष था, जिसे ममता बनर्जी बचाने की कोशिश कर रही थीं।”
बीजेपी नेता ने सवाल किया कि क्या जूनियर डॉक्टर की बर्बरता से रेप और हत्या इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने इस अवैध रैकेट का पर्दाफाश किया था? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या ममता बनर्जी ने संदीप घोष को इसलिए बचाने की कोशिश की क्योंकि वह भी इस रैकेट से मुनाफा कमा रही थीं? अमित मालवीय ने कहा कि “पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री को इस बारे में पता होना चाहिए। अगर नहीं, तो वह अक्षम हैं और उन्हें तुरंत हटा दिया जाना चाहिए।”
उन्होंने सीबीआई से भी यह मांग की है कि वे आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज में घटना की रात उपस्थित तीन डॉक्टरों – सौत्रिक रॉय, अविक दे और सौरव पॉल की भूमिका की भी जांच करें, जिनके राजनीतिक संबंध होने की बात कही जा रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, सीबीआई की प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि अज्ञात शवों से अंग निकालकर उन्हें बेचने का अवैध धंधा आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज में कई वर्षों से चल रहा था।
सीबीआई द्वारा दो लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनका संदीप घोष से निकट संबंध बताया जा रहा है, और उनकी पूछताछ में इस रैकेट के बारे में पुख्ता सबूत मिले हैं। फिलहाल, संदीप घोष सीबीआई की हिरासत में हैं और उनके कार्यकाल में कॉलेज में हुई अनियमितताओं की जांच चल रही है। सीबीआई और ईडी ने घोष से जुड़े कई संपत्तियों पर भी छापेमारी की है, जिसमें वित्तीय गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है। इस मामले में ममता बनर्जी और उनकी सरकार की भूमिका पर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं, जबकि जांच एजेंसियां इस जघन्य अपराध के पीछे के असल कारणों की गहराई से छानबीन कर रही हैं।