दिल्ली हाईकोर्ट ने आनंद विहार से अप्सरा बॉर्डर फ्लाईओवर के कैरिजवे में खड़े नीम और जामुन के पेड़ को प्रत्यारोपित करने की अनुमति मांगने पर वन विभाग को फटकार लगाई थी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) पेड़ों के साथ फ्लाईओवर खोलने को लेकर असमंजस में है। बता दें कि फ्लाईओवर को औपचारिक रूप से नहीं खोला गया है। हालांकि ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए दोनों कैरिजवे पर थोड़े समय के लिए यातायात की आवाजाही की अनुमति है।
पीडब्ल्यूडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि विभाग अब पेड़ों के साथ ही फ्लाईओवर खोलने की योजना बना रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उद्घाटन की तारीख के बारे में उच्चाधिकारी फैसला करेंगे। बैरिकेड्स के साथ यातायात की आवाजाही की प्रभावशीलता की जांच ट्रायल रन में की गई है। पेड़ों को काटने की अनुमति का इंतजार करने के बजाय सुविधा को खोलना आम जनता के लिए अधिक फायदेमंद होगा।
अधिकारी ने बताया कि पीडब्ल्यूडी रात के दौरान यातायात के लिए फ्लाईओवर खोलने के लिए पेड़ों के चारों ओर रिफ्लेक्टिव मार्कर, स्प्रिंग बोर्ड और रंबल स्ट्रिप्स लगाएगा। सोमवार दोपहर को फ्लाईओवर के एक कैरिजवे को बंद कर दिया गया और पेड़ों वाले दूसरे को खोल दिया गया। परियोजना से जुड़े एक अन्य अधिकारी ने कहा कि हाईकोर्ट ने इन पेड़ों को स्थानांतरित करने की अनुमति देने से सीधे इनकार कर दिया है। फ्लाइओवर पर कोई अन्य काम लंबित नहीं है।
अधिकारी ने कहा- हमने पेड़ के चारों ओर बैरिकेडिंग की है। ट्रैफिक पुलिस यदाकदा स्थानीय जरूरतों के आधार पर वाहनों की आवाजाही की अनुमति देती है। बता दें कि वन विभाग ने फ्लाईओवर के निर्माण के लिए तीन पेड़ों को ट्रांसप्लांट करने की अनुमति मांगी थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को वन विभाग को बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए पेड़ों के प्रत्यारोपण की अनुमति मांगने पर फटकार लगाई थी। पीठ ने इस पर अपनी असहमति दी थी।
अदालत ने उप वन संरक्षक (डीसीएफ) के आवेदन को वापस लेने के अनुरोध को भी खारिज कर दिया था। अदालत ने वन विभाग को एक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया था जिसमें स्पष्ट किया गया हो कि याचिका दायर करने से पहले डीम्ड फॉरेस्ट की स्थिति पर विचार किया गया था या नहीं। बता दें कि आनंद विहार से अप्सरा बॉर्डर तक जाने वाले कैरिजवे पर दो पेड़ हैं। इसमें एक बड़ा नीम (अजादिराच्टा इंडिका) का पेड़ और दूसरा छोटा जामुन का पेड़ (सिजीजियम क्यूमिनी) है। हालांकि तीसरा पेड़ कैरिजवे पर नहीं है।
हिन्दुस्तान टाइम्स ने 29 अगस्त को बताया था कि पीडब्ल्यूडी ने पूर्वी दिल्ली में आनंद विहार एलिवेटेड कॉरिडोर के एक कैरिजवे पर ट्रायल रन शुरू कर दिया है। पीडब्ल्यूडी का अनुमान है कि फ्लाईओवर से रोजाना 148,000 वाहन गुजरेंगे। आनंद विहार और अप्सरा बॉर्डर के बीच रोड नंबर 56 पर छह लेन का 1,440 मीटर लंबा फ्लाईओवर पूरी तरह चालू होने के बाद इस हिस्से पर ट्रैफिक लोड कम होने की उम्मीद है। इससे रामप्रस्थ कॉलोनी, विवेक विहार और श्रेष्ठ विहार में ट्रैफिक जाम भी नहीं लगेगा।
परियोजना के लगभग तैयार होने के बावजूद आनंद विहार और अप्सरा बॉर्डर पर चलने वाले यात्रियों को जाम का सामना करना पड़ रहा है। विवेक विहार निवासी अजय गुप्ता ने कहा कि फ्लाईओवर 3-4 महीने से अधिक समय पहले बनकर तैयार हो गया था लेकिन ट्रैफिक जाम से इलाके में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। अब फ्लाईओवर को तुरंत खोल दिया जाना चाहिए। कम से कम आंशिक रूप से खुलने से कुछ समस्या तो कम होगी।