बिहार के बक्सर स्थित सिविल कोर्ट में मंगलवार को एक वकील की बहस करते हुए जान चली गई। वकील को कोर्टरूम के अंदर ही हार्ट अटैक आया, जिससे वह तुरंत बेहोश होकर गिर गए। अदालत में मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत सीपीआर भी दिया लेकिन वे उठकर खड़े नहीं हुए। इसके बाद उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वकील का नाम सुरेंद्र तिवारी था। वे 66 साल के थे।
जानकारी के अनुसार बभनी निवासी सुरेंद्र तिवारी अपने एक केस को लेकर बक्सर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश दशम की कोर्ट में पहुंचे। कोर्टरूम में वे सुबह करीब साढ़े 11 बजे बहस कर रहे थे, तभी अचानक गिर पड़े। अदालत में मौजूद जज राकेश कुमार भी अपनी सीट से उठे और दौड़कर उनके इलाज के लिए डॉक्टर को बुलाया। अदालत में तैनात डॉक्टर ने उनका प्रारंभिक उपचार किया। उन्हें सीपीआर दिया गया लेकिन फिर भी होश नहीं आया।
इसके बाद कोर्ट में मौजूद कर्मचारियों ने यहां निजी कार से उन्हें अस्पताल पहुंचाया, मगर तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सुरेंद्र तिवारी वरिष्ठ वकील थे। उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से एलएलबी की थी। बीते 40 सालों से वे प्रैक्टिस कर रहे थे। वह वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहन तिवारी के भतीजे भी थे। सुरेंद्र तिवारी कोर्ट में होने वाली वेद, अद्वेत, धर्म और ध्यान की दिनभर होने वाली चर्चा में अक्सर हिस्सा लिया करते थे। उनके निधन से पूरे कोर्ट परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। जज से लेकर वकीलों एवं कर्मचारियों तक ने उनके निधन पर दुख जताया। तिवारी अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। बक्सर शहर में उनका घर एमवी कॉलेज के पास चरित्रवन में है।