साल 2025 के विधानसभा चुनाव नें भारी जीत और एक बार फिर बिहार का मुख्यमंत्री बनने की तैयारी में जी जान से जुटे नीतीश कुमार के बड़ा सियासी झटका लगा है। बिहार सीएम के करीबी पूर्व एमएलसी रामेश्वर महतो ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है। सीतामढ़ी सांसद देवेश चंद्र ठाकुर पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि नीतीश कुमार को कुछ लोग मिसगाइड कर रहे हैं और पार्टी को कमजोर कर रहे हैं। कहा है कि देवेश चंद्र ठाकुर सामंती विचारधारा के लोग हैं और जदयू की आइडियोलॉजी के विपरित काम करते हैं।
पटना में प्रेस वार्ता आयोजित कर रामेश्वर महतो ने अपने इस्तीफे का ऐलान किया। कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में राजनीति सीखा और उनके आशीर्वाद से विधान परिषद का सदस्य भी बना। लेकिन पिछले कुछ दिनों से पार्टी के एक बड़े नेता अपमानित कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए मैं भी अपनी दावेदारी की थी। लेकिन पार्टी के नेता ने जिन्हें टिकट दे दिया उन्हें पूरा सहयोग और मदद दिया। लेकिन, उनके द्वारा लगातार जिले में हमारा अपमान किया जा रहा है। इसकी जानकारी नीतीश कुमार को दी लेकिन किसी मजबूरी बस उन्होंने ध्यान नहीं दिया।
रामेश्वर महतो ने आरोप लगाया कि देवेश चंद्र ठाकुर सामंती सोच वाले नेता है और अपना एकछत्र राज चलाना चाहते हैं। लेकिन यह जनता दल यूनाइटेड की विचारधारा के ठीक विपरीत है। यह लोग नीतीश कुमार को मिस गाइड कर रहे हैं। नीतीश कुमार के प्रति समर्पित लोगों को साइड लाइन किया जा रहा है और अपने पॉकेट के लोगों को आगे बढ़ा रहे हैं।
रामेश्वर माता ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में जब नीतीश कुमार ने डॉ वरुण को लोकसभा मौका दिया था तो यही देवेश चंद ठाकुर करने वाले हैं कि नीतीश जी ने 10 करोड़ में टिकट बेच दिया जबकि देश में कोई ऐसा कहने वाला नहीं है कि नीतीश कुमार ने कभी एक रुपए की हेरा फेरी की हो। फ्यूचर प्लान के बारे में रामेश्वर महतो ने कहा कि अभी लोगों के बीच जाऊंगा और जनता से राय विचार करूंगा। उसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।