बिहार के ‘सिंघम’ IPS शिवदीप लांडे ने अचानक क्यों दिया इस्तीफा,

बिहार के चर्चित आईपीएस और पूरे राज्य में सिंघम के नाम से मशहूर पुलिस अधिकारी शिवदीप वामनराव लांडे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. अभी हाल ही में शिवदीप लांडे को पूर्णिया कमिश्नरी का नया आईजी नियुक्त किया गया था जिसके बाद उन्होंने वहां चार्ज भी संभाल लिया था.

चार जिलों में नशे के खिलाफ तेजी से कार्रवाई करने वाले अधिकारी शिवदीप लांडे ने अचानक अपने ऑफिशियल फेसबुक पेज के जरिए इस्तीफे का ऐलान कर दिया.

इसके बाद अब इस अब आईपीएस अधिकारी का बयान भी सामने आया है. शिवदीप लांडे ने मीडिया से बात करते हुए कहा है, ‘मैंने व्यक्तिगत कारणों से भारतीय पुलिस सेवा की नौकरी से इस्तीफा दिया है.’

इससे पहले उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा था, ‘मेरे प्रिय बिहार, पिछले 18 वर्षो से सरकारी पद पर अपनी सेवा प्रदान करने के बाद आज मैंने इस पद से इस्तीफा दे दिया है. इन सभी वर्षो में मैंने बिहार को ख़ुद से और अपने परिवार से भी ऊपर माना है. अगर मेरे बतौर सरकारी सेवक के कार्यकाल में कोई त्रुटि हुई हो तो मैं उसके लिए क्षमाप्रार्थी हूं. मैंने आज भारतीय पुलिस सर्विस (IPS) से त्यागपत्र दिया है परन्तु मैं बिहार में ही रहूंगा और आगे भी बिहार मेरी कर्मभूमि रहेगी.’
 

हालांकि शिवदीप लांडे ने अपने फेसबुक पोस्ट से ये भी साफ कर दिया है कि वो नौकरी छोड़ने के बाद भी बिहार में ही रहेंगे और इसे ही अपनी कर्मभूमि बनाएंगे. बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी शिवदीप लांडे मूल तौर पर महाराष्ट्र के अकोला के रहने वाले हैं और वो बिहार से डेप्युटेशन पर मुंबई जाने के बाद वहां महाराष्ट्र एटीएस में आईजी के पद पर भी काम कर चुके हैं. 

अभी हाल ही में नीतीश सरकार ने शिवदीप लांडे का पूर्णिया कमिश्ननरी में ट्रांसफर कर उन्हें आईजी नियुक्त किया था और सीमांचल से स्मैक जैसे नशे को खत्म करने का अहम जिम्मा सौंपा था. वहां ज्वाइनिंग के बाद शिवदीप लांडे एक्शन में भी नजर आ रहे थे और वो पूर्णिया कमिश्नरी में आने वाले चारों जिले पूर्णिया, अररिया, कटिहार और किशनगंज में नशे के तस्करों के खिलाफ कार्रवाई में जुटे हुए थे.

आज सुबह उन्होंने अचानक इस्तीफा की घोषणा कर दी जिसने लोगों को हैरान कर दिया है. बता दें कि शिवदीप लांडे का बचपन बेहद चुनौतीपूर्ण स्थिति और गरीबी में बीता था. प्रतिभाशाली शिवदीप लांडे ने स्कॉलरशिप के जरिए इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी और उसके बाद यूपीएससी टॉपर भी बने थे. उन्हें बिहार कैडर मिला था जिसके वो 18 साल से बतौर आईपीएस नौकरी कर रहे थे.

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