एकनाथ शिंदे क्यों गए गांव, सामने आ गई वजह; शाम तक आएगा बड़ा फैसला?

महाराष्ट्र में सियासी हलचल काफी तेज है। नए मुख्यमंत्री के नाम पर अभी तक मुहर नहीं लग पाई है। वहीं, महायुति की मीटिंग से ठीक पहले एकनाथ शिंदे के गांव चले जाने से सस्पेंस और गहरा गया है। एकनाथ शिंदे अचानक गांव क्यों चले गए इसको लेकर तरह-तरह के सवाल पूछे जा रहे हैं। अब इसके पीछे की वजह सामने आ गई है। शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने बताया है कि जब भी एकनाथ शिंदे को कोई बड़ा फैसला लेना होता है वह अपने गांव चले जाते हैं। उन्होंने कहाकि आज शाम तक शिंदे एक बड़ा फैसला लेने वाले हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहाकि मुख्यमंत्री का नाम आज रात तक घोषित हो सकता है।

महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर बना हुआ राज संजय शिरसाट के इस बयान के बाद और गहरा गया है। सभी के दिमाग में यह सवाल उठने लगा है कि आखिर एकनाथ शिंदे कौन सा बहुत बड़ा फैसला लेने वाले हैं। संजय शिरसाट ने कहाकि जब कभी शिंदे को लगता है कि उन्हें कुछ वक्त चाहिए वह अपने गांव चले जाते हैं। शिवसेना नेता ने यह भी कहाकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा आज देर रात तक हो सकती है। शिरसाट ने आगे कहाकि शपथ ग्रहण समारोह दो दिसंबर को आयोजित होगा। शिंदे के केंद्र में जाने की अटकलों को विराम देते हुए शिवसेना नेता ने कहाकि शिंदे केंद्रीय मंत्रिमंडल में कोई जगह नहीं लेंगे। वह महाराष्ट्र में ही अपनी राजनीतिक पारी खेलेंगे।

इस बीच शिवसेना के एक अन्य नेता उदय सामंत ने भी शिंदे को लेकर कुछ दावे किए हैं। इसके मुताबिक जब एकनाथ शिंदे गुरुवार को दिल्ली में अमित शाह से मिलने पहुंचे थे तो उनकी तबियत ठीक नहीं थी। उन्होंने बताया कि शिंदे को बुखार और जुकाम हुआ था। जब उनसे पूछा गया कि एकनाथ शिंदे, देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार की मीटिंग कब होगी तो उन्होंने कहाकि अगर यह बैठक फिजिकली नहीं हो पाती है तो वीडियो कांफ्रेंस के जरिए होगी। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन की अटकलों के बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिंदे अपने गृहस्थान सतारा निकल गए थे।

शिंदे ने गुरुवार रात नई दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि सरकार गठन के सिलसिले में केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह के साथ बातचीत सकारात्मक रही और अगले दौर की चर्चा शुक्रवार को मुंबई में होगी। हालांकि, भाजपा सूत्रों ने कहा कि शुक्रवार को महायुति नेताओं की कोई बैठक निर्धारित नहीं थी। दिल्ली यात्रा के दौरान शिंदे ने शाह से मुलाकात कर राज्य में अगली सरकार के गठन पर चर्चा की थी। राज्य के निवर्तमान मंत्रिमंडल में शिंदे के सहयोगी देवेंद्र फडणवीस (भाजपा) और अजित पवार (राकांपा) ने भी शाह से मुलाकात की थी।

शिवसेना नेता शिंदे कई बार कह चुके हैं कि वह सरकार गठन में बाधा नहीं बनेंगे और अगले मुख्यमंत्री के बारे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शाह के फैसले का पालन करेंगे। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति की प्रचंड जीत के बाद अगली सरकार में शिंदे की जगह को लेकर शिवसेना में अलग-अलग दृष्टिकोण उभर रहे हैं। शिवसेना के कई नेता शिंदे से कह रहे हैं कि अगर भाजपा उन्हें उपमुख्यमंत्री पद की पेशकश करे तो वह स्वीकार कर लें। सूत्रों ने कहाकि हालांकि, एक अन्य वर्ग का मानना ​​है कि ढाई साल से अधिक समय तक मुख्यमंत्री रहने के बाद उपमुख्यमंत्री पद स्वीकार करना उनके लिए सही नहीं होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *