Google फ्री में क्यों खिलाता है खाना? सीईओ सुंदर पिचाई ने खोला राज

गूगल की फ्री मील यानी एम्प्लॉयीज को मुफ्त में खाना देने की पॉलिसी इंडस्ट्री में काफी पॉप्युलर है। कंपनी अपने एम्प्लॉयीज को अच्छा खाना देने के लिए काफी पैसे खर्च करती है। बहुत से लोगों के मन में सवाल होगा कि गूगल खाने के ऊपर आखिर इतने पैसे क्यों खर्च करता है। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने इसी सवाल का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि फ्री मील जॉब के साथ ऑफर किया जाने वाला एक बेनिफिट मात्र नहीं है। पिचाई ने बताया फ्री मील के ऊपर होने वाले भारी इन्वेस्टमेंट का मकसद काफी गहरा है।

पिचाई ने अपने शुरुआती दिनों को किया याद
ब्लूमबर्ग के द डेविड रुबेंस्टाइन शो में दिए गए इंटरव्यू में पिचाई ने कहा, ‘मुझे अक्सर याद आता है कि जब मैं शुरुआत में Google में काम करता था, तो कैफे में रहना, किसी से मिलना, बात करना या किसी चीज के बारे में उत्साहित होने से खुद के अंदर क्रिएटिविटी पैदा होती थी।’ पिचाई ने आगे कहा कि कई बेहद शानदार आइडिया इन्हीं कम्यूनल मील्स के दौरान ही आते हैं। पिचाई ने कहा कि जहां एम्प्लॉयीज खाने के लिए इकट्ठा होते हैं, वहां एक-दूसरे को सपोर्ट करने वाला माहौल बन जाता है और यह इनोवेशन में भी काफी मदद करता है।

क्रिएटिविटी और कम्यूनिटी बिल्डिंग के लिए लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट
पिचाई के अनुसार इससे कंपनी को जो फायदा होता है, वह लागत को काफी कम कर देता है। उन्होंने कहा कि मुफ्त खाना कोई वित्तीय बोझ नहीं है, बल्कि क्रिएटिविटी और कम्यूनिटी बिल्डिंग के लिए लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट है। फ्री मील के अलावा कंपनी अपने कर्मचारियों को हेल्थ इंश्युरेंस, फ्लेक्सिबल रिमोट वर्क ऑप्शन, पेड टाइम ऑफ और वेलनेस प्रोग्राम भी देती है। इन सारे बेनिफिट्स के साथ गूगल इंडस्ट्री का सबसे अट्रैक्टिव वर्कप्लेस बन जाता है।

बीते कुछ सालों में बेनिफिट्स को किया गया कम
कई सारे बेनिफिट्स के बावजूद भी सुंदर पिचाई ने माना कि बीते कुछ सालों में गूगल के बेनिफिट्स में काफी बदलाव हुआ है। 2023 में कंपनी ने अपनी ऑफरिंग्स को स्ट्रीमलाइन यानी सुव्यवस्थित करने का ऐलान किया था। इसमें कुछ ऑफिस कैफे के घंटों को कम करना और माइक्रो रसोई को मजबूत करना शामिल है। हालांकि, पिचाई ने यह भी कहा कि गूगल के बेनिफिट्स अभी भी सिलिकॉन वैली में सबसे बेहतर हैं और ये दूसरी कंपनियों को भी इसी तरह की पहल अपनाने के लिए प्रभावित करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *