नागपुर: मानेवाडा के लाड़ीकर ले-आउट में शनिवार की रात महिला डॉक्टर की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया। इस घटना को लेकर पुलिस भी परेशान थी। आखिर कुछ घंटों में ही पुलिस ने हत्या का पर्दाफाश कर दिया। महिला के डॉक्टर पति ने ही अपने भाई के साथ मिलकर उसे मौत के घाट उतारा था। चरित्र पर संदेह हत्या की वजह बनी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों में डॉ. अनिल शिवशंकर राहुले (51) और खैरलांजी, साकोली निवासी राजू शिवशंकर राहुले (58) का समावेश है।
शनिवार की रात 9.30 बजे लाड़ीकर लेआउट निवासी डॉ. अर्चना अनिल राहुले (50) को मृतावस्था में पाया गया था। सिर पर किसी ठोस वस्तु से वार किया गया था। अर्चना शासकीय मेडिकल कॉलेज के फिजियोथेरेपी विभाग में सहायक प्राध्यापिका थीं। अनिल छत्तीसगढ़ के रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल में सहायक प्राध्यापक हैं। दोनों का बेटा आदित्य तेलंगाना के करीमनगर में एमबीबीएस के तीसरे वर्ष में शिक्षण ले रहा है। अनिल लंबे समय से रायपुर में नौकरी कर रहा है। इसीलिए अर्चना अपने मकान में अकेली ही रहती थी। न तो घर में कोई कामवाली थी और न कोई जाता-आता था लेकिन अनिल को अर्चना के किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने का शक था।
वह अक्सर चरित्र पर संदेह करके अर्चना के साथ विवाद करता था। इसीलिए दोनों के बीच संबंध ठीक नहीं थे। विगत 8 अप्रैल को अनिल ने खैरलांजी अपने बड़े भाई राजू को बताया कि अर्चना के किसी के साथ अनैतिक संबंध हैं। कुछ आपत्तिजनक देखने की भी बात की। परिवार की बदनामी के डर से राजू को अर्चना की हत्या करने के लिए तैयार किया। योजना के तहत 9 अप्रैल की शाम राजू खैरलांजी से और अनिल रायपुर से नागपुर पहुंच गए। घर के समीप एक गली में मुलाकात की और सीधे घर में गए। अनिल और अर्चना के बीच बहस हुई। इसी दौरान अनिल ने अर्चना के पैर पकड़ लिए और राजू ने लोहे की रॉड से सि