यूपी की योगी कैबिनेट ने महाकुंभ के प्रचार-प्रसार के लिए खजाना खोल दिया है। शुक्रवार को सीएम योगी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में 24 प्रस्ताव रखे गए थे। इनमें से 23 को मंजूरी मिल गई है। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री एके सिंह और सुरेश खन्ना ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी मीडिया से साझा की। बताया कि महाकुंभ के लिए देश के बड़े शहरों में रोडशो किया जाएगा। इसके अलावा नेपाल, थाईलैंड, इंडोनेशिया, मॉरिशस में रोड शो को भी मंजूरी दी गई है। रोडशो में महाकुंभ की विरासत से लोगों को परिचित कराया जाएगा। गृह विभाग का भी महाकुंभ से जुड़ा एक प्रस्ताव था। इसमें नए वाहन खरीदने के लिए प्रस्ताव रखा गया था। इसे भी मंत्री परिषद ने मंजूरी दे दी है। इसके अलावा ग्रीन एनर्जी और कॉरिडोर के तहत चित्रकूट में 620 करोड़ की लागत से सब स्टेशन व ट्रांसमिशन लाइन बनेगी। इसमें 33 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार देगी।
नजूल भूमि का संशोधित प्रस्ताव भी कैबिनट में रखा गया था लेकिन इसे फिलहाल रोक लिया गया है। इससे पहले भी नजूल भूमि का प्रस्ताव योगी कैबिनेट एक बार पास करके विधानमंडल में भेज चुकी है। विधानसभा में तो प्रस्ताव पास हो गया था लेकिन विधानपरिषद से इसे प्रवर समिति को भेज दिया गया था। कुछ संशोधनों के बाद दोबारा इसे कैबिनेट में लाया गया लेकिन पास नहीं हो सका है। विधानपरिषद में प्रस्ताव का विरोध खुद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने कर दिया था।
इसके अलावा 9 विकास प्राधिकरणों को 20 साल के लिए 4064 करोड़ रुपए देने को भी मंजूरी मिली है। इन विकास प्राधिकरणों में सहारनपुर, मथुरा, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, लखनऊ, मुरादाबाद, बांदा, मेरठ और खुर्जा शामिल हैं।