दूध, दही, खोवा, पनीर सहित अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामले तो आए दिन सुनने को मिल ही रहे हैं। सिर्फ खानपान ही नहीं बल्कि आपके सोने-चांदी के गहनों में भी मिलावट हो सकती है। जी हां, बाजार में बिना हॉलमार्क व हॉलमार्क के नाम पर अन्य चिह्न लगाकर भी ज्वैलरी की बिक्री की जाती रही है। इसके अलावा चांदी में गिलट व एल्युमीनियम की मिलावट कर भी बिछुए व पायल तैयार की जा रही हैं। हिन्दुस्तान ने धनतरेस व दीपावली पर अपने पाठकों को खरीदारी से पूर्व जागरूक करने के लिए बाजार की पड़ताल की।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार जब भी आप सोना खरीदें, तो उस पर हॉलमार्क का निशान जरूर देखना चाहिए। इससे यह प्रमाणित होता है, कि सोना असली है। आपको बता दें कि ये प्रमाण सर्टिफिकेशन ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड द्वारा दिया जाता है। सोने की खरीदारी करते समय सोने के असली होने को लेकर पूरे जरुरी दस्तावेज जरूर लिए जाने चाहिए। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि बीआईएस द्वारा तय हॉलमार्क स्टैंडर्ड के निर्धारित कैरेट में सोने की मात्रा का एक अनुपात निर्धारित है। मिलावट करने वाले इसमें भी गड़बड़ करते हैं।
यह है हॉलमार्क का गणित
585 हॉलमार्क है तो यह सोना 14 कैरेट 58.5 फीसदी शुद्ध सोना है।
750 हॉलमार्क होने पर सोना 18 कैरेट 75.0 फीसदी शुद्ध सोना है।
833 हॉलमार्क होने पर सोना 20 कैरेट 83.30 फीसदी शुद्ध सोना है।
916 हॉलमार्क होने पर सोना 22 कैरेट 91.6 फीसदी शुद्ध सोना है।
956 हॉलमार्क होने पर सोना 23 कैरेट 95.5 फीसदी शुद्ध सोना है।
999 होने पर सोना 24 कैरेट 99.9 फीसदी शुद्ध माना जाता है।
घर पर असली-नकली सोना पहचानने के तरीके
असली सोने में नहीं आती पसीने की बदबू
अगर सोना असली होता है तो उसमें पसीने की बदबू नहीं आती। यानी अगर सोना पसीने के संपर्क में आया है और उसमें से दुर्गंध आ रही है मतलब सोना नकली है।
पानी से सोने की पहचान का तरीका
यदि आप घर पर सोने की शुद्धता देखना चाहते हैं तो इसके लिए पानी से सोने की टेस्टिंग सबसे आसान तरीका है। इसके लिए एक बाल्टी में पानी लें, फिर इसमें अपने गहने डालें। अगर आपका खरीदा गया सोना या ज्वेलरी पानी में डूब जाए, तो समझिए कि सोना असली है। इसके बावजूद यदि आपकी ज्वेलरी कुछ देर तक पानी पर तैरती रहे, तो समझ लीजिए सोना नकली है। सोने की खासियत होती है कि वह कितना भी हल्का हो, पानी में डूब जाता है।
सिरके से असली नकली सोने की पहचान
असली नकली सोना पहचानने के लिए आप घर के किचिन में मौजूद विनेगर (सिरका) का भी उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए आप सोने के गहनों पर सिरका की कुछ बूंदे डालें।
ऐसा करने के बाद यदि सोने का रंग बदल जाए तो समझिए सोना नकली है। इसके विपरीत अगर सोने का रंग बदले न आपको द्वारा खरीदे गए सोने में किसी भी तरह की कोई मिलावट नहीं है।
नाइट्रिक एसिड से सोने की पहचान
सिरके की तरह आप घर पर नाइट्रिक एसिड से भी सोने के असली-नकली होने की पहचान कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले सोने के गहने को थोड़ा खुरचें। इसके बाद इस पर नाइट्रिक एसिड की कुछ बूंदें डालें। ऐसा करने के बाद यदि उसका रंग बदलकर हरा हो जाए, तो समझ जाइए कि आपने जो सोना खरीदा है सोना नकली है।
असली सोना नहीं बदलता रंग
विशेषज्ञों के अनुसार असली सोना कभी रंग नहीं बदलता है। ऐसे में जब आप किसी भी तरह के कैमिकल से गोल्ड टेस्टिंग करते हैं और उसका रंग बदल जाए तो समझिए सोना नकली है।