छत्तीसगढ़ प्रदेश में इन दिनों कानून व्यवस्था के चरमरा जाने की खबरे लगातार फिजा में गुंजायमान हो रही है, वहीं कानून व्यवस्था को लेकर कई बड़े सवाल भी खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि इन दिनों प्रदेश में कई लगातार गंभीर अपराधिक घटनाएं घटित हो रही है, लेकिन पुलिस महकमा है कि सिर्फ लकीर पीटने के अलावा अपराध पर काबू पाने में कोई विशेष उपलब्धि हासिल नही कर पा रही है। कवर्धा अंतर्गत लोहारीडीह में लगातार शिव प्रसाद की हत्या कर फांसी के फंदे में टांगने का परिजन आरोप लगा रहे हैं, तो वहीं आक्रोशित ग्रामीणों के द्वारा के द्वारा शिव प्रसाद के मौत का जिम्मेदार मानते हुए रघुनाथ साहू के घर में आग लगा कर उन्हे जिन्दा जला दिए जाने की जानकारी मिला है। तत्पश्चात मामले में सोमवार को गिरफ्तार किए प्रशांत साहू को न्यायायिक अभिरक्षा में पुलिस के द्वारा उनका बर्बरता पूर्वक जेल के अंदर हत्या किए जाने का भी आरोप लगा है, अवगत हो कि प्रशांत साहू के शरीर में चोट के कई गंभीर निशान स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है।छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार ऐसी घटना सामने आई है जहां गृहमंत्री के जिला होने के बावजूद कानून व्यवस्था में इतनी बड़ी लापरवाही देखने को मिली है। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश के अन्य क्षेत्रों मे कानून व्यवस्था का क्या हाल होगा। इस तरह के पुलिस प्रशासन की लापरवाही एवं बर्बरता से प्रशांत साहू की मौत निश्चित ही सामाजिक दृष्टि से पूरे साहू समाज के लिए भी दुःखद घटना है, इस तरह के घटना से प्रदेश में भय का माहौल पैदा हो गया है।
उपरोक्त घटना को लेकर छत्तीसगढ़ साहू संघ रायपुर के महासचिव श्री हलधर साहू ने चिंता