डोंगरगढ़ में बड़ा फ्रॉड: ‘प्योर ट्रेडिंग’ के नाम पर दो महिलाओं से 82 लाख की ठगी, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

डोंगरगढ़ (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ से ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर दो महिलाओं से कुल 82 लाख 50 हजार रुपये ऐंठ लिए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी कैलाश सेठी ने डोंगरगढ़ की रहने वाली दो महिलाओं को ‘प्योर ट्रेडिंग’ (Pure Trading) नाम की एक फर्जी कंपनी में निवेश करने का झांसा दिया। आरोपी ने महिलाओं को विश्वास दिलाया कि ऑनलाइन शेयर बाजार या ट्रेडिंग में पैसे लगाने पर उन्हें बहुत कम समय में भारी मुनाफा मिलेगा। लालच में आकर दोनों महिलाओं ने अपनी गाढ़ी कमाई आरोपी के हवाले कर दी।

शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए आरोपी ने कुछ पैसे वापस भी किए, लेकिन जब महिलाओं ने अपनी पूरी मूल राशि और मुनाफे के पैसे मांगे, तो आरोपी टालमटोल करने लगा। कुल मिलाकर दोनों महिलाओं के 36 लाख 70 हजार रुपये फंस गए। जब काफी कोशिशों के बाद भी पैसे नहीं मिले, तो पीड़ित महिलाओं ने डोंगरगढ़ थाने में इसकी आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई।

इन दो महिलाओं को बनाया गया था शिकार

  1. प्रतिमा पाल (वार्ड नंबर 21, रेस्ट हाउस डोंगरगढ़): पीड़ित प्रतिमा ने 30 मई 2023 से 4 मई 2025 के बीच आरोपी को अलग-अलग किस्तों में कुल 27 लाख 50 हजार रुपये दिए थे। आरोपी ने इसमें से करीब 19 लाख रुपये तो लौटा दिए, लेकिन बाकी के 8 लाख 50 हजार रुपये हड़प लिए।
  2. नमिता चौबे: दूसरी पीड़िता नमिता चौबे ने 7 फरवरी 2023 से 7 मई 2025 के बीच आरोपी को कुल 55 लाख रुपये दिए। इसमें से लगभग 26 लाख 80 हजार रुपये वापस किए गए, लेकिन 28 लाख 20 हजार रुपये आज तक नहीं मिले।

हिसाब-किताब एक नजर में:

  • कुल ली गई रकम: ₹82.50 लाख
  • वापस की गई रकम: ₹45.80 लाख
  • अटका हुआ/फंसा हुआ बकाया: ₹36.70 लाख

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

शिकायत मिलने के बाद डोंगरगढ़ पुलिस हरकत में आई और दोनों मामलों में अलग-अलग अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आरोपी कैलाश सेठी को हिरासत में लिया। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद 30 सितंबर 2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने आरोपी को स्थानीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में BNS (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 318(4) और 238 के तहत कार्रवाई की गई है। फिलहाल, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस ठगी के पीछे कोई और गिरोह तो शामिल नहीं है और ठगी गई रकम का इस्तेमाल कहां-कहां किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *