पखांजूर के ग्राम P.V.27 में गूंजा साइबर सुरक्षा का संदेश, पुलिस की इस पहल से ग्रामीणों में जगी जागरूकता

पखांजूर: डिजिटल दौर के साथ जहाँ तकनीक आसान हुई है, वहीं साइबर अपराधों का खतरा भी तेज़ी से बढ़ा है। इससे निपटने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “साइबर जागृति अभियान” का दायरा अब ग्रामीण अंचलों तक फैल चुका है। हाल ही में पखांजूर क्षेत्र के ग्राम P.V.27 में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें गाँव के महिला, पुरुष और बच्चों ने भारी संख्या में शिरकत की।

पुलिस टीम ने बताए ठगी से बचने के अचूक उपाय

कार्यक्रम के दौरान थाना पखांजूर के अधिकारियों ने ग्रामीणों को बेहद सरल भाषा में आज के समय में हो रहे नए-नए साइबर फ्रॉड के तरीकों से आगाह किया। थाना प्रभारी तेज वर्मा, सब इंस्पेक्टर बिंदुलता देवांगन, और सब इंस्पेक्टर अमीना की पूरी टीम ने ग्रामीणों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के कई अहम गुर सिखाए।

इस दौरान निखिल भारत बंगाली समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष मनोज मंडल सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक और सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम में ग्रामीणों की यह सक्रिय भागीदारी यह साबित करने के लिए काफी थी कि ग्रामीण इलाके के लोग भी अपने डिजिटल सुरक्षित भविष्य को लेकर अब बेहद संजीदा हैं।

इन बातों का विशेष ध्यान रखने की दी गई सलाह

पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को कुछ बुनियादी और बेहद जरूरी सुरक्षा सावधानियों के बारे में विस्तार से समझाया:

  • OTP साझा न करें: किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना वन-टाइम पासवर्ड (OTP) या बैंक खाते की जानकारी बिल्कुल शेयर न करें।
  • संदिग्ध लिंक से बचें: किसी भी लुभावने या संदिग्ध APK फाइल/लिंक पर भूलकर भी क्लिक न करें।
  • वीडियो कॉल से सतर्कता: अनजान नंबरों से आने वाली WhatsApp वीडियो कॉल से सावधान रहें, यह ठगी का एक नया जाल हो सकता है।
  • निजी डेटा सुरक्षित रखें: अपना ATM पिन, बैंक विवरण और सोशल मीडिया की निजी जानकारी किसी अजनबी को न बताएं।
  • सुरक्षित ऐप्स का इस्तेमाल: मोबाइल में कोई भी एप्लीकेशन डाउनलोड करते समय सावधानी बरतें और केवल आधिकारिक Google Play Store या Apple App Store का ही उपयोग करें।
  • समय-समय पर बदलें पासवर्ड: अपने ऑनलाइन अकाउंट्स और बैंकिंग ऐप्स के पासवर्ड को नियमित अंतराल पर बदलते रहें।

“साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़” का संकल्प

15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक संचालित हो रहे इस राज्यव्यापी साइबर जागृति अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश को अपराध मुक्त बनाना है। पुलिस ने ग्रामीणों को संदेश दिया कि सिर्फ पुलिस के चाहने से साइबर अपराध नहीं रुकेंगे, बल्कि इसके लिए हर एक नागरिक का सतर्क और जागरूक होना बेहद जरूरी है। ग्रामीण इलाकों में पुलिस की यह पहल निश्चित तौर पर सराहनीय और जनहित में एक बड़ा कदम है।

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