Paralkot News: छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के सीमावर्ती ग्रामीण इलाकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। जहाँ एक ओर बेहतर इलाज के लिए परलकोट क्षेत्र के मरीजों को हमेशा रायपुर या अन्य बड़े शहरों के चक्कर काटने पड़ते थे, वहीं अब सूरजगढ़ माइंस क्षेत्र में बना लॉयडर्स काली अम्माल हॉस्पिटल ग्रामीणों के लिए किसी संजीवनी से कम साबित नहीं हो रहा है।
छत्तीसगढ़ से लेकर महाराष्ट्र तक के मरीज उठा रहे लाभ
यह अस्पताल छत्तीसगढ़ के परलकोट क्षेत्र के साथ-साथ महाराष्ट्र के एटापल्ली, भामरागढ़, अहेरी और मूलचेरा जैसे दूरदराज के इलाकों के गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए एक बड़ी उम्मीद बन गया है। इस आधुनिक अस्पताल में मरीजों को ऑपरेशन, डायलिसिस, एमआरआई (MRI) और सीटी स्कैन (CT Scan) जैसी तमाम बड़ी मेडिकल सुविधाएं बिल्कुल मुफ्त या बेहद आसानी से मिल रही हैं।
इलाज के साथ रहने और खाने की भी मुफ्त व्यवस्था
इस अस्पताल की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि यहाँ सिर्फ मरीजों का ही नहीं, बल्कि उनके साथ आने वाले परिजनों के ठहरने और भोजन की भी पूरी तरह से निःशुल्क व्यवस्था की जाती है। ऐसे में दूर-दराज के गरीब परिवारों को महंगे इलाज के साथ-साथ रहने-खाने की चिंता से भी बड़ी राहत मिल रही है।
पत्रकार की पत्नी ने दिए जुड़वां बच्चों को जन्म
इस अस्पताल की आधुनिक सुविधाओं और बेहतरीन व्यवस्था का जीवंत उदाहरण बड़गांव निवासी और पत्रकार विकास वैद्य के अनुभव से मिलता है। विकास वैद्य अपनी पत्नी की रुटीन जांच के लिए लॉयड्स काली अम्माल हॉस्पिटल पहुंचे थे। डॉक्टरों की सलाह पर उनकी पत्नी को अस्पताल में भर्ती किया गया, जहाँ उनकी नॉर्मल/सिजेरियन डिलीवरी हुई और उन्होंने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया।
अस्पताल के इस अनुभव को साझा करते हुए विकास वैद्य ने दिल से आभार जताते हुए कहा —
“मैं अपनी पत्नी की जांच के लिए यहाँ आया था, जिसके बाद उन्हें एडमिट किया गया और यहीं उनकी डिलीवरी हुई। अस्पताल की पूरी व्यवस्था, डॉक्टरों का व्यवहार और यहाँ मिलने वाली आधुनिक सुविधाओं से हम पूरी तरह संतुष्ट हैं। यहाँ तक कि परिजनों के रहने-खाने की भी शानदार व्यवस्था है। इसके लिए मैं लॉयड्स काली अम्माल हॉस्पिटल और पूरे प्रबंधन को दिल से धन्यवाद देता हूँ।”
उम्मीद की एक नई किरण
विकास वैद्य और उनके परिवार का यह अनुभव यह साबित करता है कि जब आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सीधे पिछ ड़े या ग्रामीण इलाकों तक पहुँचती हैं, तो आम और जरूरतमंद परिवारों का जीवन कितना आसान हो जाता है। आज यह अस्पताल सीमावर्ती अंचल के हजारों लोगों के लिए सेहत का एक मजबूत सहारा बन चुका है।