छत्तीसगढ़ / रायपुर: छत्तीसगढ़ के बेरोजगार युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य के सहकारिता विभाग ने प्रदेश में रोजगार के नए द्वार खोलते हुए कुल 1,360 पदों पर सीधी भर्ती की मंजूरी दे दी है। यह भर्ती पांच जिला सहकारी केंद्रीय बैंक क्षेत्रों और उनसे जुड़ी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) में की जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विजन और सहकारिता मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में राज्य की सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
किस विभाग में कितने पद स्वीकृत?
सहकारिता विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन 1360 पदों का विभाजन कुछ इस प्रकार किया गया है:
- जिला सहकारी केंद्रीय बैंक: विभिन्न संवर्गों के कुल 198 पद।
- प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां (पैक्स): समिति प्रबंधक के कुल 1,162 पद।
इनमें से समिति प्रबंधक के 1,162 पदों में से 596 पद सीधी भर्ती के जरिए और 566 पद सीमित चयन के माध्यम से भरे जाएंगे। बैंक संवर्ग के पदों में उप प्रबंधक, सहायक प्रबंधक, प्रोग्रामर, सहायक प्रोग्रामर, फील्ड ऑफिसर और सामान्य सहायक जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं।
संभागवार किन जिलों में कितने पदों पर होगी भर्ती?
भर्ती प्रक्रिया को पांच प्रमुख क्षेत्रों में बांटा गया है, जहां अलग-अलग संख्या में युवाओं को मौका मिलेगा:
- रायपुर क्षेत्र: सर्वाधिक 508 पद
- बिलासपुर क्षेत्र: 444 पद
- बस्तर-जगदलपुर क्षेत्र: 187 पद
- दुर्ग-राजनांदगांव क्षेत्र: 154 पद
- रायगढ़ क्षेत्र: 67 पद
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप का बयान
इस बड़े फैसले को लेकर सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लगातार काम कर रही है। इन नियुक्तियों से न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि बैंकों और समितियों की कार्यक्षमता भी तेज होगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्राथमिक कृषि साख समितियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। समिति प्रबंधकों के आने से खाद-बीज वितरण, ऋण प्रकरण और डिजिटल कम्प्यूटरीकरण के कार्यों में और अधिक पारदर्शिता आएगी।
पूरी तरह पारदर्शी होगी चयन प्रक्रिया
सरकार की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि यह पूरी भर्ती प्रक्रिया संबंधित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक कर्मचारी सेवा नियम-2023, आरक्षण के प्रावधानों और वित्तीय मानदंडों के तहत ही पूरी की जाएगी। चयन में पूरी पारदर्शिता बरतने के लिए संबंधित संभागीय संयुक्त पंजीयक को चयन समिति का अनिवार्य सदस्य बनाया गया है।
विशेष नोट: यह पूरी भर्ती प्रक्रिया माननीय सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन विशेष अनुमति याचिका (SLP) के अंतिम आदेश के अधीन रहेगी।