भानुप्रतापपुर (कांकेर): छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के लोहत्तर थाना क्षेत्र स्थित लौह खदान में आगजनी की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने आखिरकार बड़ा खुलासा कर दिया है। खदान परिसर में तीन गाड़ियों को आपके हवाले करने के बाद मौके पर छोड़े गए ‘लाल सलाम’ पर्चे के पीछे की सच्चाई सामने आ गई है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को धर दबोचा है, जिन्हें अदालत में पेश करने के बाद 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
क्या था पूरा मामला?
यह पूरा मामला कांकेर जिले के लोहत्तर थाना अंतर्गत चेमल के पास स्थित ‘पुष्प ब्लॉक’ लौह खदान का है। कुछ दिन पहले इस खदान परिसर में खड़ी तीन गाड़ियों में अचानक आग लगा दी गई थी। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह थी कि घटनास्थल पर ‘लाल सलाम’ लिखा हुआ एक पर्चा छोड़ा गया था, जिससे इस वारदात ने नक्सली हमले का रूप ले लिया और मामला बेहद गंभीर हो गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फौरन एक विशेष टीम बनाकर मामले की गहराई से जांच शुरू की।
खदान के विरोध में रची गई थी साजिश
पुलिस जांच में जो सच सामने आया, वह हैरान करने वाला था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सहदेव तुलावी, प्रेम सिंह कोरेटी, ओम प्रकाश कचलाम, बृजलाल सलाम और शिवलाल तुलावी के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी खदान के आस-पास स्थित बोदेली और एडगुड गांवों के ही रहने वाले हैं।
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी सहदेव तुलावी और उसके साथियों का यह मानना था कि उनके इलाके में लौह खदान का संचालन नहीं होना चाहिए। इसी खदान के विरोध और दहशत फैलाने के उद्देश्य से उन्होंने गाड़ियों में आगजनी की इस घटना को अंजाम दिया था और जांच भटकाने के लिए ‘लाल सलाम’ का पर्चा छोड़ा था।
बीएनएस की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज
पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों के खिलाफ आगजनी, संगठित अपराध, अपनी पहचान छिपाकर वारदात को अंजाम देने, और जान से मारने की धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं (BNS) के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई पूरी की है। पुलिस की इस मुस्तैदी से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा संदेश गया है।