साय कैबिनेट का बड़ा फैसला: अब ‘जनजातीय कार्य विभाग’ कहलाएगा आदिम जाति विकास विभाग; पूर्व अग्निवीरों को मिलेगी सरकारी नौकरी

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में कई महत्वपूर्ण और बड़े फैसले लिए गए हैं। सरकार ने राज्य के युवाओं, जनजातीय समाज और प्रशासनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षक के 36 पदों पर भर्ती

राज्य सरकार ने देश की सेवा करने वाले पूर्व अग्निवीर सैनिकों के अनुभव और दक्षता का सीधा लाभ छत्तीसगढ़ शासन की सेवाओं में देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इसके तहत गृह विभाग में आरक्षक के कुल 36 रिक्त पदों पर पूर्व अग्निवीरों की सीधी भर्ती की अनुमति प्रदान कर दी गई है।

उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा पहले ही पूर्व अग्निवीरों के लिए इन पदों पर 10 प्रतिशत श्रेणीवार आरक्षण का प्रावधान किया जा चुका है, जिससे अब युवाओं को इसका सीधा और बड़ा लाभ मिलेगा।

‘आदिम जाति विकास विभाग’ का बदला नाम

कैबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियमों में संशोधन के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल गई है। इसके तहत अब प्रशासनिक सुधार और सम्मानजनक पहचान के उद्देश्य से ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ कर दिया गया है।

सरकार की उपलब्धियां और विकास के आंकड़े

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पिछले ढाई-तीन वर्षों में राज्य सरकार और केंद्र के समन्वय से हुए विकास कार्यों का भी लेखा-जोखा प्रस्तुत किया:

  • आवास योजना: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कुल मिलाकर लाखों पक्के मकानों का निर्माण तेजी से पूरा हुआ है, और छत्तीसगढ़ इस मामले में देश में अग्रणी राज्यों में शामिल है।
  • किसान कल्याण: धान उपार्जन और किसानों को मिलने वाले समर्थन मूल्य (MSP) के साथ-साथ धान बोनस का रिकॉर्ड भुगतान किया गया है, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक संबल मिला है।
  • महतारी वंदन योजना: राज्य की लगभग 68 लाख माताओं-बहनों को हर महीने 1,000 रुपये (साल के 12,000 रुपये) की आर्थिक सहायता सीधे उनके खातों में भेजी जा रही है। इसके अलावा ‘लखपति दीदी’ योजना से भी बड़ी संख्या में महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं।
  • बस्तर में शांति और विकास: सुरक्षाबलों के साहस और सरकार की नीतियों के चलते बस्तर में शांति स्थापना का नया दौर शुरू हुआ है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।

सरकार के इन फैसलों से यह साफ है कि छत्तीसगढ़ सरकार समाज के हर वर्ग के विकास और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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