“उच्च स्तरीय पुल कांकेर”
रायपुर: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में 13 नए उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण के लिए स्वीकृति दी गई है, जिससे यहां के ग्रामीणों को बरसात के दिनों में नदी-नालों से पार करने में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। इन पुलों के निर्माण से अब बारहमासी आवागमन की सुविधा सुनिश्चित होगी, जो स्थानीय लोगों की जिंदगी को आसान बनाएगा।
13 नए पुलों का महत्व
कांकेर जिले में कुल 13 उच्च स्तरीय पुलों का निर्माण किया जाएगा। इन पुलों का निर्माण बारहमासी आवागमन की सुविधा देने के लिए किया जा रहा है, जिससे बारिश के दिनों में नदी-नालों के उफान से लोगों को अपने घरों और गांवों से बाहर निकलने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग कांकेर के कार्यपालन अभियंता श्री राजेन्द्र सोनकर ने जानकारी दी कि इन पुलों में प्रमुख नामों में रावघाट, सोनपुर-नारायणपुर मार्ग, भानुप्रतापपुर, कांकेर-देवरी मार्ग, चारामा, और कोयलीबेड़ा क्षेत्र शामिल हैं। इससे न केवल स्थानीय लोगों को फायदा होगा, बल्कि इलाके में समग्र सड़क संपर्क बेहतर होगा।
मुख्य पुलों का विवरण
- रावघाट में मेढकी नदी पर पुल: इस पुल का निर्माण 512 लाख 97 हजार रूपए की लागत से किया जा रहा है, जिससे रावघाट क्षेत्र में यातायात की सुविधा बढ़ेगी।
- बेचाघाट में कोटरी नदी पर पुल: इस पुल का निर्माण 1552 लाख 26 हजार रूपए की लागत से हो रहा है। कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के यह पुल नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बन रहा है, जहां पहले इस पुल के निर्माण में कई समस्याएँ आई थीं।
- भानुप्रतापपुर से अंतागढ़ मार्ग में खंडी नदी पर पुल: इस पुल के निर्माण की लागत 617 लाख 92 हजार रूपए है।
- कांकेर-देवरी मार्ग में चिनार नदी पर पुल: यह पुल 898 लाख 09 हजार रूपए की लागत से बन रहा है।
इसके अतिरिक्त, कांकेर जिले में अन्य नदियों पर भी पुलों के निर्माण के कार्य प्रगति पर हैं, जिनमें निर्गुण नाला, सिरसिदा नाला, जंजालीपारा, संबलपुर नाला, और महानदी शामिल हैं। ये पुल विभिन्न मार्गों को जोड़ेंगे और इलाके के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
जल्द पूरी होने वाली परियोजनाएँ
इन पुलों का निर्माण टेंडर प्रक्रिया के तहत किया जाएगा, और बहुत जल्द तकनीकी स्वीकृति भी दी जाएगी। कई पुलों के निर्माण कार्यों के लिए प्रशासकीय स्वीकृति भी मिल चुकी है, जिससे उम्मीद है कि ये परियोजनाएँ जल्द ही धरातल पर आकर पूरी होंगी।
कांकेर जिले में सुधार और विकास
इन पुलों के निर्माण के साथ-साथ कांकेर जिले में सड़क नेटवर्क और विकास की दिशा में कई अन्य पहलें भी की जा रही हैं। इससे जिले में यातायात और आर्थिक गतिविधियों को एक नई दिशा मिलेगी और लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा।
नक्सली दबाव और अब प्रगति
कई क्षेत्रों में नक्सली दबाव के कारण विकास कार्यों में रुकावटें आई थीं, लेकिन अब बेचाघाट पुल सहित अन्य क्षेत्रों में प्रगति होने से स्थानीय जनता के लिए आशा की किरण नजर आ रही है। यह विकास कार्य राज्य सरकार के समर्पण और उनके क्षेत्रीय विकास के प्रति दृष्टिकोण को दर्शाता है।