नितिन गडकरी के पहले देवेंद्र फडणवीस का बैग भी चुनाव अधिकारियों ने खुलवाया, BJP ने शेयर किया वीडियो

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान नेताओं के बैग चेक किए जाने का मुद्दा गर्माया हुआ है। शिवसेना यूबीटी चीफ उद्धव ठाकरे के आपत्ति जताए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उनके बैग की जांच हो ही है। साथ ही हाल ही में चुनाव अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बैग की भी जांच की गई थी।

महाराष्ट्र भाजपा ने कहा, ‘जाने दीजिए, कुछ लोगों को दिखावा करने की आदत होती है। यह वीडियो देखिए, 7 नवंबर को यवतमाल जिले में हमारे नेता देवेंद्रजी फडणवीस का बैग चेक किया गया था, लेकिन उन्होंने कोई वीडियो नहीं बनाया। इससे पहले 5 नवंबर को कोल्हापुर एयरपोर्ट पर देवेंद्र जी फडणवीस के बैग की जांच की गई थी। संविधान को सिर्फ दिखावे के लिए नहीं लिया जाता, इसका पालन करना भी जरूरी होता है। हम सिर्फ अनुरोध करते हैं कि सभी को संविधान की जानकारी होनी चाहिए।’

फडणवीस ने कहा कि उद्धव ठाकरे चुनाव अधिकारियों की तरफ से उनके ‘बैग’ की जांच किए जाने का अनावश्यक रूप से विरोध कर ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं और ‘यह और कुछ नहीं केवल वोट मांगने की उनकी तिकड़म है।’ भाजपा नेता ने कहा कि ‘बैग’ की जांच में क्या गलत है?

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय मंत्री गडकरी के अलावा भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े के बैग की भी जांच की गई थी। इसके अलावा कांग्रेस के अमित देशमुख और प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के राज ठाकरे और आरपीआई के रामदास आठवले के बैग की भी जांच हुई थी।

ठाकरे ने दावा किया था कि मंगलवार को लातूर जिले में प्रचार के लिए पहुंचने पर चुनाव अधिकारियों ने उनके ‘बैग’ की जांच की। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री के दल ने सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो भी साझा किया था। वीडियों में चुनाव अधिकारियों से बातचीत के दौरान शिवसेना प्रमुख उनसे उनके नाम पूछते हुए सुने गए। वह पूछते हैं, ‘आपने अब तक कितने लोगों की तलाशी ली है?’ जब उन्होंने जवाब दिया कि वे पहले व्यक्ति हैं, तो उन्होंने कहा, ‘तो मैं पहला ग्राहक हूं।’

दरअसल, आदर्श आचार संहिता के लागू होने के बाद चुनाव अधिकारी नियमित रूप से औचक जांच करते हैं, ताकि वोटर्स को लुभाने के लिए तोहफे देने और नकदी बांटने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।

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