बस्तर नक्सलवाद
भूपेश बघेल का बस्तर में अमित शाह पर निशाना
रायपुर, 20 मई 2026 – कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारवार्ता में भाजपा सरकार और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। बघेल ने कहा कि अमित शाह ने हाल ही में छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खत्म होने की घोषणा की, लेकिन उनके दावे वास्तविकता से मेल नहीं खाते।
बघेल ने कहा कि 2018 से 2023 तक कांग्रेस की सरकार ने बस्तर में नक्सल उन्मूलन के लिए ठोस कदम उठाए, जिसके दम पर वर्तमान सरकार नक्सल विरोधी अभियान चला पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने अमित शाह को बस्तर की सही जानकारी नहीं दी, जिसके कारण वे भ्रमित हो गए।
भूपेश बघेल के मुख्य बिंदु:
- 2022 में अमित शाह ने खुद माना था कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से नक्सली घटनाओं में भारी कमी आई है।
- कांग्रेस सरकार के दौरान बस्तर के 600 गांव और कोंडागांव जिला नक्सल मुक्त घोषित किए गए।
- स्कूलों और राशन की दुकानों की स्थिति में सुधार कांग्रेस सरकार के समय हुआ।
- वनाधिकार पट्टे और सामाजिक विकास के कई महत्वपूर्ण कदम कांग्रेस सरकार ने उठाए।
बघेल ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार और राज्य के गृहमंत्री ने अमित शाह को बस्तर की वास्तविक स्थिति नहीं बताई, जिससे वे गलत आंकड़े और जानकारी के आधार पर बयान दे गए।
पूर्व सीएम ने भाजपा शासनकाल पर भी निशाना साधा:
- रमन सिंह सरकार के दौरान बस्तर से कई गांव खाली करवाए गए और हजारों लोग पलायन करने को मजबूर हुए।
- कथित फर्जी एनकाउंटर और आदिवासियों पर गलत आरोपों के मामले सामने आए।
- सरकारी अधिकारियों द्वारा पत्रकारों और नागरिकों को धमकाया गया।
सहकारी और डेयरी योजनाओं पर बघेल की टिप्पणी:
- नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी कहा कि अमित शाह द्वारा आनंद के डेयरी नेटवर्क की तारीफ कांग्रेस सरकार के काम को नजरअंदाज करती है।
- आदिवासी इलाकों में गाय-भैंस योजना पहले भी भाजपा शासनकाल में शुरू हुई थी, लेकिन उसमें कई खामियां थीं।
कार्यक्रम में उपस्थित रहे वरिष्ठ नेता और विधायक:
पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, अमितेश शुक्ल, मलकीत सिंह गैदू, सुशील आनंद शुक्ला, अंबिका मरकाम, जनक ध्रुव, सावित्री मंडावी, गुरुमुख सिंह होरा, सकलेन कामदार, अशोक राज आहूजा, धनंजय सिंह ठाकुर, घनश्याम राजू तिवारी, सुरेंद्र वर्मा और सत्य प्रकाश सिंह।
संक्षेप में:
भूपेश बघेल का यह बयान बस्तर में नक्सलवाद के मुद्दे को लेकर कांग्रेस और भाजपा सरकारों की भूमिका पर बड़ा विवाद खड़ा करता है। बघेल का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार को बस्तर की वास्तविक स्थिति को जनता और अधिकारियों के साथ पारदर्शी रूप से साझा करना चाहिए, ताकि सही तथ्य सामने आए और किसी भ्रम की स्थिति न बने।