बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में साइबर ठगों का एक नया और शातिर तरीका सामने आया है। च्वाइस सेंटर और सीएससी (CSC) संचालकों के क्यूआर कोड (QR Code) का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर ठगी करने वाले एक अंतर-जिला गिरोह का रेंज साइबर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से नकदी, कार, स्कूटी और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
ऐसे खुला ठगी का राज़
इस सनसनीखेज मामले की शुरुआत बिलासपुर जिले के बिल्हा मोड़ स्थित ‘लक्ष्मी च्वाइस सेंटर’ के संचालक देवेंद्र रजक की शिकायत से हुई। हिर्री थाना क्षेत्र के खरकेना निवासी देवेंद्र ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले एक युवक उनकी दुकान पर आया। उसने कहा कि वह च्वाइस सेंटर के क्यूआर कोड के जरिए उनके खाते में पैसे ट्रांसफर करेगा और बदले में उतनी ही राशि नकद ले लेगा।
संचालक के राजी होने पर आरोपी ने क्यूआर कोड की फोटो अपने मोबाइल में लेकर अपने किसी साथी को भेज दी। इसके बाद खाते में रकम ट्रांसफर होने पर संचालक ने उसे नकद पैसे दे दिए। लेकिन अगले ही दिन जब पीड़ित का बैंक खाता होल्ड (Hold) हो गया, तो वह बैंक पहुंचे। वहां पता चला कि साइबर फ्रॉड से जुड़ी संदिग्ध रकम उनके खाते में आने की वजह से यह कार्रवाई हुई है। इसके बाद च्वाइस सेंटर संचालकों के व्हाट्सऐप ग्रुप में चर्चा होने पर पता चला कि इसी झांसे में अन्य दुकानदारों को भी फंसाया गया है।
9 जिलों में फैला था जाल, 45 सेंटर बने शिकार
शिकायत के आधार पर रेंज साइबर थाना बिलासपुर में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। तकनीकी सुराग और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिलासपुर के हिर्री और बिल्हा क्षेत्र में सक्रिय अंकुर आहूजा और आशीष केवलानी (निवासी रायपुर) को धर दबोचा।
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। गिरोह का तरीका बेहद शातिर था:
- अंकुर आहूजा अलग-अलग जिलों के च्वाइस सेंटर्स पर जाकर वहां लगे क्यूआर कोड की चुपचाप फोटो खींचता था।
- वह फोटो अपने साथी आशीष केवलानी को भेजता था।
- आशीष उस कोड को स्कैन कर सेंटर संचालक के खाते में ऑनलाइन फ्रॉड का पैसा भेजता था, और अंकित काउंटर से उतनी ही रकम नकद लेकर चंपत हो जाता था।
25 लाख रुपये तक की ठगी का अनुमान
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने छत्तीसगढ़ के कुल 9 जिलों—बिलासपुर, रायपुर, महासमुंद, बलौदाबाजार, कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, सक्ती और दुर्ग—के लगभग 45 च्वाइस सेंटर संचालकों को अपना निशाना बनाया है। अब तक की शुरुआती जांच में ठगी की कुल रकम 20 से 25 लाख रुपये के बीच आंकी गई है।
एएसपी पंकज पटेल ने बताया कि आरोपियों के पास से 1 लाख 2 हजार रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त एक कार, एक स्कूटी और दो मोबाइल जब्त किए गए हैं। पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।