ईंधन कीमतें बढ़ोतरी
उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ ने पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद जनता से केंद्र सरकार के समर्थन की अपील की है। यह बयान उन्होंने महाराजगंज में एक जनसभा को संबोधित करते हुए दिया, जहां उन्होंने वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव को इसके पीछे प्रमुख कारण बताया।
केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीज़ल के दामों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद यह मुद्दा चर्चा में आ गया है। नई कीमतों के बाद आम जनता पर महंगाई का असर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
वैश्विक संकट को बताया वजह
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और ऊर्जा आपूर्ति में बाधा के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं।
प्रमुख कारण:
- ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर
- होर्मुज़ जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने की आशंका
- वैश्विक ऊर्जा संकट
- कई देशों में ईंधन महंगा होना
जनता से सरकार के समर्थन की अपील
जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में देश को एकजुट रहना चाहिए और केंद्र सरकार के फैसलों का समर्थन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पहले भी कोरोना महामारी जैसे बड़े संकट का सामना किया है।
मुख्य अपील:
- सरकार के साथ सहयोग करें
- ईंधन का समझदारी से उपयोग करें
- सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें
- अनावश्यक वाहन उपयोग से बचें
ईंधन की नई कीमतें
बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में स्पष्ट बदलाव देखा गया।
नई दरें:
- पेट्रोल: 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर
- डीज़ल: 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर
इस बढ़ोतरी का असर आम जनता की जेब पर सीधे तौर पर पड़ने की आशंका है।
‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसे समय में देशहित सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने लोगों से “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ आगे बढ़ने की अपील की।
उन्होंने क्या कहा:
- जरूरत के अनुसार बिजली और ईंधन का उपयोग करें
- स्कूल बसों का अधिक उपयोग करें
- निजी वाहनों का अनावश्यक उपयोग कम करें
- सामूहिक जिम्मेदारी निभाएं
79 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन
इसी कार्यक्रम के दौरान महाराजगंज में मुख्यमंत्री ने 208 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 79 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
प्रमुख विकास कार्य:
- सड़क और बुनियादी ढांचा
- ग्रामीण विकास योजनाएं
- सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार
- स्थानीय रोजगार को बढ़ावा
ऊर्जा संकट और वैश्विक प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। पश्चिम एशिया में तनाव और समुद्री मार्गों में बाधा के चलते तेल आपूर्ति पर असर पड़ रहा है।
इसका प्रभाव न केवल भारत बल्कि कई अन्य देशों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है।