PM Awas Yojana Gramin
छत्तीसगढ़ में PM Awas Yojana Gramin के तहत कोई भी पात्र परिवार आवास के लाभ से वंचित न रहे, इसके लिए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने केंद्र सरकार से विशेष पहल करने का आग्रह किया है। उन्होंने केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर उन व्यावहारिक समस्याओं की जानकारी दी है, जिनके कारण राज्य के कई पात्र परिवार योजना का लाभ पाने से वंचित रह गए हैं।
उप मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार को पक्का घर उपलब्ध कराना है। ऐसे में तकनीकी या सर्वेक्षण संबंधी कारणों से किसी भी योग्य हितग्राही का नाम सूची से बाहर नहीं रहना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री को लिखा विस्तृत पत्र
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखे पत्र में नई दिल्ली में 28 और 29 जून 2026 को आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण सम्मेलन के सफल आयोजन पर बधाई दी।
उन्होंने पत्र में कहा कि यह सम्मेलन वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। साथ ही ग्रामीण विकास के क्षेत्र में केंद्रीय मंत्री के नेतृत्व और प्रयासों की भी सराहना की।
सम्मेलन में दिए गए आश्वासन का किया उल्लेख
पत्र में उप मुख्यमंत्री ने सम्मेलन के दौरान केंद्रीय मंत्री द्वारा दिए गए उस आश्वासन का भी उल्लेख किया, जिसमें कहा गया था कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित नहीं रहेगा।
इसी संदर्भ में उन्होंने छत्तीसगढ़ में सामने आई कुछ व्यावहारिक समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित कराया।
क्यों छूट गए कई पात्र परिवार?
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 जून 2026 को प्रदेशभर की ग्राम सभाओं में आवास प्लस 2.0 की सूची प्रस्तुत की गई थी।
इस दौरान दो प्रमुख समस्याएं सामने आईं—
1. सर्वेक्षण के समय कई लोग उपलब्ध नहीं थे
उन्होंने बताया कि—
- कुछ पात्र परिवार रोजगार या अन्य कारणों से पलायन पर थे।
- कई लोग सर्वेक्षण के समय अपने गांव में मौजूद नहीं थे।
- इस कारण उनका सर्वे नहीं हो पाया।
- परिणामस्वरूप उनका नाम पात्रता सूची में शामिल नहीं हो सका।
2. तकनीकी कारणों से पोर्टल पर नहीं दिखी जानकारी
कुछ मामलों में—
- पात्र परिवारों का सर्वे पूरा हो चुका था।
- लेकिन तकनीकी या अन्य कारणों से उनकी जानकारी पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हुई।
- ग्राम सभा में उनका नाम पात्र सूची में दिखाई नहीं दिया।
- इससे कई वास्तविक पात्र परिवार लाभ से वंचित रह गए।
केंद्र सरकार से की यह महत्वपूर्ण मांग
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि इन समस्याओं के समाधान के लिए भारत सरकार स्तर पर आवश्यक निर्णय लिए जाएं।
उन्होंने मांग की कि—
- छूटे हुए पात्र परिवारों को दोबारा मौका दिया जाए।
- तकनीकी त्रुटियों का समाधान किया जाए।
- पात्र हितग्राहियों का सत्यापन कर उन्हें योजना में शामिल किया जाए।
- कोई भी पात्र परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से वंचित न रहे।
प्रधानमंत्री के संकल्प को पूरा करने पर जोर
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य प्रत्येक पात्र परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि यदि सर्वेक्षण और तकनीकी कारणों से पात्र परिवार योजना से बाहर रह जाते हैं, तो इस संकल्प की भावना पूरी तरह साकार नहीं हो पाएगी। इसलिए समय रहते आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाना जरूरी है।
ग्रामीण परिवारों को मिलेगा लाभ
यदि केंद्र सरकार इस संबंध में आवश्यक निर्णय लेती है, तो—
- छूटे हुए पात्र परिवारों को योजना का लाभ मिल सकेगा।
- ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण को गति मिलेगी।
- गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने का लक्ष्य मजबूत होगा।
- योजना का लाभ अधिक पारदर्शी और व्यापक रूप से सुनिश्चित किया जा सकेगा।