कानपुर रेलवे ट्रैक पर जलता हुआ LPG सिलेंडर: क्या चलती ट्रेन से गिरा या कुछ और?

LPG सिलेंडर


कानपुर रेलवे ट्रैक पर जलते हुए LPG सिलेंडर ने मचाई अफरा-तफरी

कानपुर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के कानपुर में दिल्ली-प्रयागराज रेल मार्ग पर बुधवार शाम करीब 7:30 बजे एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। कैंटोनमेंट इलाके में पटरियों के पास एक जलता हुआ LPG सिलेंडर मिला, जिससे रेलवे स्टेशन के पास अफरा-तफरी मच गई। यह घटना उस समय हुई जब एक छोटा 5 किलोग्राम LPG सिलेंडर आग की चपेट में आ गया था। घटना ने न केवल स्थानीय पुलिस और रेलवे कर्मचारियों को परेशानी में डाल दिया, बल्कि यात्रियों और रेल अधिकारियों में भी चिंता का माहौल बना दिया।

घटना का संक्षिप्त विवरण:

  • स्थान: कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से लगभग दो किलोमीटर दूर स्थित कैंटोनमेंट इलाका।
  • समय: बुधवार शाम, करीब 7:30 बजे।
  • वस्तु: 5 किलोग्राम का LPG सिलेंडर जलता हुआ पाया गया।
  • स्थिति: आग बुझा दी गई और कोई घायल नहीं हुआ।

स्थानीय लोगों और पुलिस ने कैसे किया बचाव?

आग लगने के बाद, स्थानीय पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और क्राइम ब्रांच की टीमें मौके पर पहुंची। लेकिन तब तक स्थानीय निवासियों ने पहले ही आग बुझा दी थी। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी प्रकार की चोट या हताहत की खबर नहीं आई।

क्या था सिलेंडर गिरने का कारण?

प्रारंभिक जांच से यह पता चला है कि LPG सिलेंडर शायद किसी चलती ट्रेन से गिरा हो, संभवतः महाबोधि एक्सप्रेस से, जो घटना से कुछ देर पहले उस इलाके से गुज़री थी। पुलिस ने आशंका जताई कि गैस लीक होने की वजह से सिलेंडर में आग लगी हो सकती है, और इसे जल्दीबाजी में ट्रेन से बाहर फेंका जा सकता है।

बोरे में मिली चीजें और जाँच की दिशा

पुलिस ने मौके पर एक आधा जला हुआ बोरा पाया, जिसमें कुछ बर्तन, मोबाइल फोन, और आधार कार्ड मिला। यह आधार कार्ड ओम प्रकाश मिश्रा का था, जो प्रतापगढ़ के रहने वाले थे। मिश्रा दिल्ली में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करते थे और अपनी यात्रा के दौरान घर लौट रहे थे। पुलिस का मानना है कि यह घटना गलती से हो सकती है, लेकिन वे लापरवाही, शरारत या किसी साज़िश के पहलुओं की भी जांच कर रहे हैं।

क्या यह एक दुर्घटना थी या कुछ और?

प्रारंभिक आकलन से यह प्रतीत होता है कि यह घटना गलती से हुई हो, जो यात्रा के दौरान घटित हुई। हालांकि, पुलिस और फोरेंसिक टीम इस मामले में जांच कर रही हैं कि क्या यह केवल एक दुर्घटना थी, या किसी अन्य कारण से हुआ।

मिश्रा के बेटे का बयान:

पुलिस ने मिश्रा के बेटे से संपर्क किया, जो दिल्ली में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता है। बेटे ने बताया कि उसके पिता अपने सामान और नकदी के साथ घर लौट रहे थे और साथ ही उसने यह भी बताया कि उसके पिता को शराब की लत थी।

अब आगे क्या होगा?

GRP, RPF, और फोरेंसिक टीमें मामले की विस्तृत जांच कर रही हैं। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की सघन जांच शुरू कर दी है और यह भी जांच की जा रही है कि सिलेंडर को ट्रेन से बाहर फेंकने की कोशिश जानबूझकर की गई थी या यह वास्तविक दुर्घटना थी।

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