हैती में गैंगवार के कारण देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बंद, फ्लाइट्स पर फायरिंग के बाद लिया फैसला, नए पीएम की शपथ से पहले हिंसक झड़प

कैरिबियन कंट्री हैती में इन दिनों हालात बेकाबू हैं. राजधानी पोर्ट-ऑ-प्रिंस में गैंग हिंसा की वजह से सोमवार को इटरनेशनल एयरपोर्ट बंद किया गया था, दरअसल, हमलावरों ने पोर्ट-ऑ-प्रिंस में उतर रहे एक वाणिज्यिक विमान पर गोलीबारी की, जिससे कुछ एयरलाइनों को अस्थायी रूप से परिचालन निलंबित करना पड़ा. विमान पर गोलीबारी के थोड़ी देर बाद ही एलिक्स डिडिएर फिल्स-एमे ने हैती के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली. 

बता दें कि फ्लोरिडा के फोर्ट लॉडरडेल से पोर्ट-ऑ-प्रिंस जा रहा स्पिरिट एयरलाइंस का विमान हैती की राजधानी में उतरने ही वाला था कि जब गिरोहों ने विमान पर फायरिंग कर दी. जिसमें एक फ्लाइट अटेंडेंट घायल हो गया, जिसे एयरलाइन, अमेरिकी दूतावास और फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार मामूली चोटें आई हैं. फ्लाइट को डायवर्ट किया गया और डोमिनिकन रिपब्लिक में उतारा गया.

एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक विमान के अंदरूनी हिस्से में गोलियों के निशान दिखाई दे रहे हैं स्पिरिट, जेटब्लू और अमेरिकन एयरलाइंस ने कहा कि वे हैती से आने-जाने वाली फ्लाइट्स रद्द कर रहे हैं. हैती की राजधानी के अन्य हिस्सों में गिरोहों और पुलिस के बीच गोलीबारी हुई. भारी हथियारों से लैस अधिकारी दीवारों के पीछे छिप गए और नागरिक दहशत में भाग गए, जिससे सड़कों पर गोलियों की आवाज गूंज उठी. कई पॉश इलाकों में गिरोहों ने घरों में आग लगा दी. 

कई इलाकों में दहशत फैलने के कारण स्कूल बंद कर दिए गए. यह उथल-पुथल उस दिन हुई जब कैरेबियाई देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को फिर से स्थापित करने के लिए गठित परिषद ने अंतरिम प्रधानमंत्री गैरी कोनील को बर्खास्त कर दिया और उनकी जगह व्यवसायी एलिक्स डिडिएर फिल्स-ऐमे को नियुक्त किया. 

द वीक की रिपोर्ट के मुताबिक परिषद में अंदरूनी कलह की स्थिति बनी हुई है और हाल ही में तीन सदस्यों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था. शपथ ग्रहण करते समय फिल्स-ऐमे ने कहा कि उनकी शीर्ष प्राथमिकताएँ संकटग्रस्त राष्ट्र में शांति बहाल करना और चुनाव कराना है, जो 2016 के बाद से हैती में नहीं हुए हैं. उन्होंने कहा कि आशा वापस लाने के लिए बहुत कुछ किया जाना है. मुझे उन लोगों के लिए गहरा दुख है, जिन्हें परेशान किया गया है, उन्हें अपना सब कुछ छोड़ने के लिए मजबूर किया गया है. 

देश के गिरोहों ने सत्ता हथियाने, हवाई अड्डों और शिपिंग बंदरगाहों को बंद करने और अराजकता फैलाने के लिए लंबे समय से राजनीतिक उथल-पुथल का लाभ उठाया है. संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि गिरोहों ने राजधानी पोर्ट-ऑ-प्रिंस के 85% हिस्से को कंट्रोल कर लिया है, जबकि गिरोहों की हिंसा को रोकने के लिए केन्याई पुलिस के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र समर्थित मिशन को धन और कर्मियों की कमी से जूझना पड़ रहा है, जिसके कारण संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन की मांग की जा रही है. 

हैती के हिंसक क्षेत्रों में शांति स्थापना पर काम करने वाले संगठन लाको लापे के कार्यकारी निदेशक लुइस-हेनरी मार्स ने कहा कि राजनीतिक लड़ाई ने “गिरोहों को शहर के और अधिक इलाकों पर हमला करने और पोर्ट-ऑ-प्रिंस पर अपना नियंत्रण बढ़ाने की अधिक स्वतंत्रता दी गई है, उन्हें डर है कि नागरिकों को इसके परिणाम भुगतने होंगे. अधिक जानें जाएंगी और ऐसे देश में अधिक भूखमरी होगी, जहां आधी आबादी भुखमरी के कगार पर है. अप्रैल में संक्रमणकालीन परिषद की स्थापना की गई थी, जिसे हैती के अगले प्रधानमंत्री और कैबिनेट को चुनने का काम सौंपा गया था, इस उम्मीद के साथ कि यह हिंसा को शांत करने में मदद करेगा. ये हिंसा साल 2021 में हैती के तत्कालीन राष्ट्रपति जोवेनेल मोइस की हत्या के बाद भड़की थी. वहीं, परिषद का उद्देश्य लोकतांत्रिक चुनावों का मार्ग प्रशस्त करना था, लेकिन यह राजनीति और अंदरूनी कलह से ग्रस्त रही है.

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