नकली खाद के आरोप से बस्तर में बवाल, किसानों का प्रदर्शन; कृषि विभाग ने बिक्री पर लगाई रोक

नकली खाद

जगदलपुर। बस्तर जिले में नकली खाद को लेकर किसानों का गुस्सा सड़क पर उतर आया है। किसानों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि उन्हें बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर खाद खरीदना पड़ा, लेकिन उसकी गुणवत्ता बेहद खराब निकली। किसानों का कहना है कि खाद में मिलावट होने के कारण फसलों पर इसका अपेक्षित असर नहीं दिख रहा है, जिससे उनकी खेती और आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है।

शिकायत के बाद कृषि विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित खाद के नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं। साथ ही, जांच पूरी होने तक संबंधित दुकान पर उर्वरक की बिक्री 21 दिनों के लिए रोक दी गई है।

किसानों ने लगाए गंभीर आरोप

प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि जिस खाद की निर्धारित कीमत 1,350 रुपये है, उसे निजी दुकानों से करीब 2,000 रुपये में खरीदना पड़ा।

किसानों का आरोप है कि—

  • खाद की गुणवत्ता बेहद खराब है।
  • खाद में मिलावट की आशंका है।
  • फसलों पर खाद का कोई प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा।
  • अधिक कीमत चुकाने के बावजूद नुकसान उठाना पड़ रहा है।

किसानों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

कांग्रेस ने भी दिया किसानों को समर्थन

नकली खाद के मुद्दे पर हुए प्रदर्शन में किसानों को कांग्रेस का भी समर्थन मिला। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

कृषि विभाग ने उठाए ये कदम

कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई की गई।

विभाग ने—

  • संबंधित खाद का नमूना जांच के लिए भेजा।
  • संबंधित दुकान पर 21 दिनों तक खाद की बिक्री पर रोक लगाई।
  • प्रभावित किसानों की सूची तैयार करना शुरू किया।
  • जांच रिपोर्ट आने तक मामले की निगरानी जारी रखी।

जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि प्रयोगशाला जांच में खाद अमानक या मिलावटी पाया जाता है, तो संबंधित कंपनी और वितरक के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, किसानों को मुआवजा देने या अन्य राहत संबंधी निर्णय जांच रिपोर्ट और आगे की कानूनी प्रक्रिया के आधार पर लिया जाएगा।

किसानों की प्रमुख मांगें

  • नकली खाद की निष्पक्ष जांच।
  • दोषी कंपनी और विक्रेताओं पर कड़ी कार्रवाई।
  • प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा।
  • खाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच।
  • अधिक कीमत वसूलने वालों के खिलाफ कार्रवाई।

मुख्य बातें

  • बस्तर के जगदलपुर में नकली खाद को लेकर किसानों का प्रदर्शन।
  • किसानों का आरोप—1,350 रुपये का खाद 2,000 रुपये में बेचा गया।
  • खाद की गुणवत्ता खराब होने से फसलों पर असर नहीं पड़ने की शिकायत।
  • कृषि विभाग ने खाद का नमूना जांच के लिए भेजा।
  • संबंधित दुकान पर 21 दिनों के लिए बिक्री पर रोक।
  • जांच में खाद अमानक मिलने पर कंपनी और वितरक के खिलाफ कार्रवाई होगी।

फिलहाल पूरा मामला जांच के अधीन है। कृषि विभाग की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि खाद मानक के अनुरूप था या नहीं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई और प्रभावित किसानों को राहत देने पर निर्णय लिया जाएगा।

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