जंगली सूअर मांस जब्त
आर्टिकल:
छत्तीसगढ़ में वन क्षेत्रों में वन्यजीव संरक्षण को लेकर वन विभाग की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। कोटा परियोजना मंडल, बिलासपुर के भैंसाझार परिक्षेत्र में जंगली सूअर के मांस की अवैध बिक्री का मामला सामने आया और वन विभाग ने इसे पकड़ते हुए 14 किलो मांस जब्त किया।
घटना का पूरा विवरण
- दिनांक: 17 मई 2026
- स्थान: जूनाशहर, वार्ड क्रमांक 15, रतनपुर क्षेत्र
- आरोपी: सूरज मरावी
वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली कि सूरज मरावी अपने घर पर जंगली सूअर का मांस अवैध रूप से बेच रहा है। इसके बाद तलाशी वारंट जारी कर वन विभाग, पुलिस बल, स्थानीय पार्षद और पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में घर पर दबिश दी गई।
जब्ती और कार्रवाई
- कुल 14 किलो संदिग्ध मांस जब्त
- वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत प्रकरण दर्ज
- जब्त मांस के नमूने लैब परीक्षण के लिए सुरक्षित रखे गए
- शेष मांस केंद्रीय रोपणी भैंसाझार में नष्ट किया गया
अभियान का नेतृत्व और टीम
- क्षेत्रीय महाप्रबंधक: अभिषेक सिंह
- मंडल प्रबंधक: सत्यदेव शर्मा
- परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी: वैभव साहू
- अभियान में शामिल: वन विभाग अधिकारी, क्षेत्ररक्षक और सुरक्षा कर्मचारी
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई वन क्षेत्रों में अवैध कटाई, अतिक्रमण, शिकार और उत्खनन पर रोक लगाने के लगातार प्रयासों का हिस्सा है।
वन विभाग की प्रतिक्रिया
प्रबंध संचालक श्री प्रेमकुमार ने टीम की तत्परता और सजगता की सराहना की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी और कर्मचारी इसी तरह सतर्क रहें और वन एवं वन्यजीव संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि वन सुरक्षा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कर्मचारियों का उल्लेख उनके गोपनीय प्रतिवेदन में किया जाएगा।
मुख्य बिंदु (Bullet Points)
- आरोपी: सूरज मरावी, जूनाशहर, रतनपुर
- जब्त मांस: 14 किलो जंगली सूअर मांस
- कार्रवाई के तहत: वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972
- टीम: वन विभाग + पुलिस + स्थानीय पार्षद और पंच
- मांस का निपटान: लैब परीक्षण के बाद सुरक्षित नष्ट
यह कार्रवाई दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण को गंभीरता से लिया जा रहा है और अवैध शिकार या मांस बिक्री पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।