सुशासन तिहार 2026 मत्स्य पालन
दंतेवाडा में सुशासन शिविरों का असर
रायपुर: दंतेवाडा जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में क्लस्टरवार सुशासन शिविरों का आयोजन किया गया, जहां ग्रामीणों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा रहा है।
विभागीय स्टालों के माध्यम से आधुनिक तकनीकों से युक्त उपकरण और सामग्रियां निशुल्क वितरित की जा रही हैं, जिससे ग्रामीणों में उत्साह और भागीदारी बढ़ी है।
मत्स्य पालकों को मिली विशेष सुविधाएं
विगत दिनों भूसारास और हल्बारास में संपन्न हुए शिविरों में मत्स्य विभाग ने मत्स्य पालकों को निम्नलिखित लाभ पहुंचाए:
- उन्नत जाल वितरण: मछली पकड़ने के लिए आधुनिक जाल।
- आईस बॉक्स वितरण: मछली स्टोर और बाजार में ताजा बिक्री के लिए।
लाभान्वित हितग्राही
भूसारास, कटेकल्याण विकासखंड:
- हिड़मा मण्डावी: 0.20 हे. तालाब में रोहू, कतला, मृगल पालन। पूर्व में जाल किराये पर लेने पड़ते थे, अब सरकारी जाल से मछली पालन आसान।
- महादेव मरकाम: मछली विक्रय हेतु आईस बॉक्स मिलने से मछली खराब होने की समस्या दूर, सीधे बाजार में बिक्री संभव।
हल्बारास, कुआकोंडा विकासखंड:
- परमेश्वर राना: 0.50 हे. तालाब, प्रतिवर्ष 60-70 हजार आमदनी। जाल मिलने से मछली पकड़ना अब आसान।
- सुनील कुमार भोयर: आईस बॉक्स मिलने से मछली बाजार तक सुरक्षित पहुंच पाएगी।
सुशासन शिविर की विशेषताएं
- ग्रामीणों के दूर-दराज घरों तक पहुँचकर समस्याओं का समाधान।
- हितग्राहियों को आर्थिक और व्यावसायिक सहारा।
- सुशासन शिविर के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक।
- व्यवसाय और जीवन में सकारात्मक बदलाव।